ये उपन्यास ही था जिसे मुंशी जी पूरा नहीं कर पाए थे। इस उपन्यास का नाम मंगलसूत्र तो था लेकिन किसी भी भाग में मंगलसूत्र का जिक्र नहीं आया । मुझे इसे आधा पढ़ने का बडा खेद है। ऐसे लगा मानो कुछ छूट गया हो। आप भी सुने
ये उपन्यास ही था जिसे मुंशी जी पूरा नहीं कर पाए थे। इस उपन्यास का नाम मंगलसूत्र तो था लेकिन किसी भी भाग में मंगलसूत्र का जिक्र नहीं आया । मुझे इसे आधा पढ़ने का बडा खेद है। ऐसे लगा मानो कुछ छूट गया हो। आप भी सुने