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November 28, 2021Moko Kahan Dhunde Tu Bande - Kabir Das2 minutesPlayListen in to a recitation of "Moko Kahan Dhunde Tu Bande" written by Kabir Das.Lyrics in Hindi:मोको कहां ढूढें तू बंदे मैं तो तेरे पास मे ।ना मैं बकरी ना मैं भेडी ना मैं छुरी गंडास मे ।नही खाल में नही पूंछ में ना हड्डी ना मांस मे ॥ना मै देवल ना मै मसजिद ना काबे कैलाश मे ।ना तो कोनी क्रिया-कर्म मे नही जोग-बैराग मे ॥खोजी होय तुरंतै मिलिहौं पल भर की तलास मेमै तो रहौं सहर के बाहर मेरी पुरी मवास मेकहै कबीर सुनो भाई साधो सब सांसो की सांस मे ॥...moreShareView all episodesBy aksNovember 28, 2021Moko Kahan Dhunde Tu Bande - Kabir Das2 minutesPlayListen in to a recitation of "Moko Kahan Dhunde Tu Bande" written by Kabir Das.Lyrics in Hindi:मोको कहां ढूढें तू बंदे मैं तो तेरे पास मे ।ना मैं बकरी ना मैं भेडी ना मैं छुरी गंडास मे ।नही खाल में नही पूंछ में ना हड्डी ना मांस मे ॥ना मै देवल ना मै मसजिद ना काबे कैलाश मे ।ना तो कोनी क्रिया-कर्म मे नही जोग-बैराग मे ॥खोजी होय तुरंतै मिलिहौं पल भर की तलास मेमै तो रहौं सहर के बाहर मेरी पुरी मवास मेकहै कबीर सुनो भाई साधो सब सांसो की सांस मे ॥...more
Listen in to a recitation of "Moko Kahan Dhunde Tu Bande" written by Kabir Das.Lyrics in Hindi:मोको कहां ढूढें तू बंदे मैं तो तेरे पास मे ।ना मैं बकरी ना मैं भेडी ना मैं छुरी गंडास मे ।नही खाल में नही पूंछ में ना हड्डी ना मांस मे ॥ना मै देवल ना मै मसजिद ना काबे कैलाश मे ।ना तो कोनी क्रिया-कर्म मे नही जोग-बैराग मे ॥खोजी होय तुरंतै मिलिहौं पल भर की तलास मेमै तो रहौं सहर के बाहर मेरी पुरी मवास मेकहै कबीर सुनो भाई साधो सब सांसो की सांस मे ॥
November 28, 2021Moko Kahan Dhunde Tu Bande - Kabir Das2 minutesPlayListen in to a recitation of "Moko Kahan Dhunde Tu Bande" written by Kabir Das.Lyrics in Hindi:मोको कहां ढूढें तू बंदे मैं तो तेरे पास मे ।ना मैं बकरी ना मैं भेडी ना मैं छुरी गंडास मे ।नही खाल में नही पूंछ में ना हड्डी ना मांस मे ॥ना मै देवल ना मै मसजिद ना काबे कैलाश मे ।ना तो कोनी क्रिया-कर्म मे नही जोग-बैराग मे ॥खोजी होय तुरंतै मिलिहौं पल भर की तलास मेमै तो रहौं सहर के बाहर मेरी पुरी मवास मेकहै कबीर सुनो भाई साधो सब सांसो की सांस मे ॥...more
Listen in to a recitation of "Moko Kahan Dhunde Tu Bande" written by Kabir Das.Lyrics in Hindi:मोको कहां ढूढें तू बंदे मैं तो तेरे पास मे ।ना मैं बकरी ना मैं भेडी ना मैं छुरी गंडास मे ।नही खाल में नही पूंछ में ना हड्डी ना मांस मे ॥ना मै देवल ना मै मसजिद ना काबे कैलाश मे ।ना तो कोनी क्रिया-कर्म मे नही जोग-बैराग मे ॥खोजी होय तुरंतै मिलिहौं पल भर की तलास मेमै तो रहौं सहर के बाहर मेरी पुरी मवास मेकहै कबीर सुनो भाई साधो सब सांसो की सांस मे ॥