नेऊर अपनी बुढ़िया के साथ खुशी से दिनभर मजूरी करता और अपने झोपड़े में आता तो बुढ़िया के स्नेह भरे शब्द उसको और भी खुश कर देते। वह रोटी बनाता और बुढ़िया को खिलाता लेकिन एक दिन साधु आया और ऐसा हुआ कि नेऊर की जिंदगी ही बदल गई, वह निर्जीव और निश्चेस्ट हो गया, जानने के लिए सुनिए ये कहानी- नेऊर!!!!!