इस कहानी में प्रेमचंद जी ने समाज के ऊंच नीच, जात पात के ऊपर प्रहार किया है। किस प्रकार एक गांव के रईस पंडितजी के द्वारा एक असहाय, विधवा बूढ़ी से बेगार काम कराना और फिर उसपर तरह तरह के अत्याचार करना। लेकिन, किस प्रकार जब एक गरीब की हाय लगती है, तो क्या होता है, सुनिए कहानी - विध्वंस!!!!!