एक समय था जब केवल पत्र के भरोसे ही होता था संपर्क और पनपते थे संबंध। समय चाहे बदल गया, पर मैंने इस खूबसूरत परिपाटी को नहीं छोड़ा। इस धारावाहिक में मैं उन लम्हों को जी रहा हूँ जो मैंने रेहा को लिखे पत्रों में समेट दिये थे।
एक समय था जब केवल पत्र के भरोसे ही होता था संपर्क और पनपते थे संबंध। समय चाहे बदल गया, पर मैंने इस खूबसूरत परिपाटी को नहीं छोड़ा। इस धारावाहिक में मैं उन लम्हों को जी रहा हूँ जो मैंने रेहा को लिखे पत्रों में समेट दिये थे।