My Parikrama- Mantras and Chants

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My Parikrama- Mantras and Chants episodes

  • अगजानन पद्मार्कं जप | Agajanana Padmarkam | श्री गणेश मंत्र | Powerful Ganesh Mantra

    भक्तिभाव से परिपूर्ण “अगजानन पद्मार्कं” श्री गणेश मंत्र जप, जिसमें भगवान श्री गणेश के एकदन्त एवं गजानन स्वरूप का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया है।

    इस पावन मंत्र में भगवान गणेश के दिव्य स्वरूप का ध्यान करते हुए उन्हें बार-बार प्रणाम किया जाता है।

    2 min
  • श्री चन्द्रघण्टा मन्त्र | ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः | Maa Chandraghanta Mantra | Navratri Special

    🙏 श्री चन्द्रघण्टा मन्त्र | Maa Chandraghanta Mantra | ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥ 🙏

    🌺 माँ चन्द्रघण्टा की दिव्य भक्ति में लीन होकर इस पावन मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप एवं श्रवण करें।

    मंत्र:

    ॥ ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः ॥
    ॥ ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः ॥
    ॥ ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः ॥

    माँ चन्द्रघण्टा, माँ दुर्गा के नवदुर्गा स्वरूपों में तृतीय स्वरूप के रूप में पूजनीय हैं। उनके स्वरूप को साहस, शक्ति, शौर्य और दिव्य तेज का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि के तीसरे दिन भक्त विशेष रूप से माँ चन्द्रघण्टा की आराधना करते हैं।

    ✨ मंत्र जाप के आध्यात्मिक भाव
    - माँ चन्द्रघण्टा के प्रति श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करना।
    - मन को शांत करके पूजा और ध्यान में एकाग्रता बढ़ाने का प्रयास करना।
    - माँ दुर्गा की शक्ति, साहस और कृपा का स्मरण करना।
    - नवरात्रि एवं दैनिक देवी उपासना में भक्ति का वातावरण बनाना।

    🪔 पूजा के समय सुनें
    आप इस मंत्र को नवरात्रि पूजा, सुबह की साधना, ध्यान या अपनी दैनिक देवी आराधना के समय सुन सकते हैं। श्रद्धा और एकाग्रता के साथ माँ चन्द्रघण्टा का स्मरण करें।

    6 min
  • श्री चन्द्रघण्टा स्तुति | Maa Chandraghanta Stuti | या देवी सर्वभूतेषु | Navdurga Mantra

    🌺 श्री चन्द्रघण्टा स्तुति | Maa Chandraghanta Stuti 🌺

    🙏 जय माता दी! 🙏

    माँ चन्द्रघण्टा, माँ दुर्गा के नवदुर्गा स्वरूपों में तृतीय स्वरूप के रूप में पूजनीय हैं। यह पवित्र स्तुति देवी के दिव्य स्वरूप का स्मरण करते हुए उनके चरणों में श्रद्धा, भक्ति और समर्पण व्यक्त करती है।

    श्री चन्द्रघण्टा स्तुति मंत्र:

    या देवी सर्वभूतेषु माँ चन्द्रघण्टा रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

    या देवी सर्वभूतेषु माँ चन्द्रघण्टा रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

    🌼 माँ चन्द्रघण्टा की महिमा

    माँ चन्द्रघण्टा को साहस, शक्ति और दिव्य तेज का प्रतीक माना जाता है। उनके स्वरूप का स्मरण भक्तों को भक्ति, आत्मविश्वास और सकारात्मक संकल्प की प्रेरणा देता है।

    इस स्तुति में बार-बार देवी को नमन करके उनके दिव्य स्वरूप के प्रति श्रद्धा प्रकट की गई है। भक्त इस मंत्र को नवरात्रि, दैनिक पूजा, ध्यान और देवी आराधना के समय सुन सकते हैं।

    7 min
  • कालनाथाष्टकम् | Kalanatha Ashtakam | स्कन्दप्रोक्तं कालभैरव स्तोत्र | Kashi Kaal Bhairav

    स्कन्दप्रोक्तं कालनाथाष्टकम्, जो शिवरहस्य के महादेवाख्य, एकादशमांश, अध्याय २६ में वर्णित है। इस स्तोत्र में भगवान श्री कालभैरव के दिव्य, उग्र, रक्षक और शिवस्वरूप का भक्तिपूर्वक ध्यान एवं स्तवन किया गया है।

    इस पाठ में भगवान कालभैरव को कपालमालिकाकण्ठ, ज्वलत्पावकलोचन, महाशूलधारी, दिगम्बर, चन्द्रजटाधारी, शिवाज्ञाकारक और काशी में निर्भयता प्रदान करने वाले दिव्य स्वरूप के रूप में स्मरण किया गया है।

    7 min
  • श्री चण्डीपाठः | Shri Chandi Path | या देवी सर्वभूतेषु स्तोत्रम् | Durga Devi Stuti

    🌺 श्री चण्डीपाठः | Shri Chandi Path | या देवी सर्वभूतेषु स्तोत्रम् 🌺

    “या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।  
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥”

    🕉️ श्री चण्डीपाठः देवी आदिशक्ति की महिमा का गुणगान करने वाला भक्तिमय पाठ है। इसमें देवी को समस्त प्राणियों में विभिन्न रूपों में विद्यमान दिव्य शक्ति के रूप में नमन किया गया है।

    इस स्तुति में माता को विष्णुमाया, चेतना, बुद्धि, निद्रा, क्षुधा, शक्ति, क्षान्ति, श्रद्धा, शांति, लक्ष्मी, स्मृति, दया और तुष्टि के रूप में प्रणाम किया गया है।

    🌺 श्री चण्डीपाठ के प्रमुख भाव

    🔱 शक्तिरूपेण संस्थिता — प्रत्येक प्राणी में विद्यमान शक्ति का स्मरण।

    🧠 बुद्धिरूपेण संस्थिता — बुद्धि और विवेक के दिव्य स्वरूप को नमन।

    🙏 श्रद्धारूपेण संस्थिता — श्रद्धा और विश्वास में देवी की उपस्थिति का भाव।

    🪷 लक्ष्मीरूपेण संस्थिता — मंगल, श्री और समृद्धि के स्वरूप का स्मरण।

    🕊️ शान्तिरूपेण संस्थिता — शांति और आंतरिक स्थिरता के भाव को नमन।

    ❤️ दयारूपेण संस्थिता — करुणा और दयाभाव में देवी की उपस्थिति का स्मरण।

    ✨ चेतनारूपेण संस्थिता — समस्त जीवों में विद्यमान चेतना को प्रणाम।

    8 min
  • श्री दुर्गा देवी कवचम् | Shri Durga Devi Kavacham | Durga Kavach Stotram | दुर्गा माता

    श्री दुर्गादेविकवचम् माँ दुर्गा को समर्पित एक पवित्र संस्कृत स्तोत्र है। इस कवच में देवी के विभिन्न दिव्य स्वरूपों का स्मरण करते हुए शरीर के अलग-अलग अंगों की रक्षा के लिए प्रार्थना की गई है।

    इस स्तोत्र में माँ उमादेवी, शूलधारिणी, चण्डिकादेवी, ललितादेवी, सिंहवाहिनी, विन्ध्यवासिनी और जगन्माता के रूपों का वर्णन मिलता है। प्रत्येक श्लोक में देवी की शक्ति, कृपा और रक्षक स्वरूप के प्रति श्रद्धा व्यक्त की गई है।

    🔱 श्री दुर्गादेविकवचम् के प्रमुख भाव

    🌺 माँ दुर्गा के दिव्य स्वरूपों का स्मरण  
    🌺 देवी के चरणों में शरणागति और प्रार्थना  
    🌺 शरीर के विभिन्न अंगों की रक्षा हेतु देवी का आवाहन  
    🌺 शक्ति, साहस और भक्ति के भाव का जागरण  
    🌺 नकारात्मक भय और संकटों के समय देवी का स्मरण  
    🌺 माँ जगदम्बा के प्रति श्रद्धा और समर्पण  

    4 min
  • श्री भवानी कवचम् | Bhavani Kavacham | त्रैलोक्यमोहन कवच | शक्तिशाली देवी कवचम्

    इस कवच में देवी के विभिन्न दिव्य स्वरूपों और नामों का स्मरण करते हुए शरीर के विभिन्न अंगों की रक्षा के लिए देवी का आवाहन किया गया है। पाठ में माँ भवानी को महामाया, महाविद्या, महालक्ष्मी, पार्वती, चण्डिका, सर्वमंगला, हिङ्गुला, विन्ध्यवासिनी, सिद्धविद्या और महाशक्ति आदि रूपों में नमन किया गया है।

    🌺 श्री भवानी कवच की विशेषता

    इस पवित्र कवच के आरंभ में देवी पार्वती भगवान शिव से भवानी के कवच के विषय में पूछती हैं। भगवान शिव इस कवच की महिमा बताते हैं और इसके पाठ को देवी-भक्ति तथा साधना के संदर्भ में प्रस्तुत करते हैं।

    9 min
  • जयति जय गायत्री माता आरती | Gayatri Mata Aarti | गायत्री माता की आरती | Gayatri Aarti

    गायत्री माता को वैदिक परंपरा में ज्ञान, प्रकाश और आध्यात्मिक जागरण से जुड़े दिव्य स्वरूप के रूप में श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाता है। यह आरती भक्त के मन में श्रद्धा, सकारात्मक चिंतन और सद्मार्ग पर चलने की भावना को जागृत करने वाली भक्तिमय प्रार्थना के रूप में सुनी जा सकती है।

    🌺 गायत्री माता आरती के प्रमुख भाव

    ✨ माता के दिव्य एवं ज्ञानमय स्वरूप का स्मरण
    ✨ शुद्ध बुद्धि और पवित्र विचारों की प्रार्थना
    ✨ मन की नकारात्मकता और अवगुणों से दूर रहने की प्रेरणा
    ✨ सद्मार्ग पर चलने की प्रार्थना
    ✨ माता की करुणा और शरण का स्मरण
    ✨ आध्यात्मिक शांति एवं सकारात्मक चिंतन
    ✨ ज्ञान, विवेक और आंतरिक प्रकाश की कामना

    4 min
  • श्री आञ्जनेय मङ्गलाष्टकम् 🙏 | हनुमान जी की पावन स्तुति

    श्री आञ्जनेय मङ्गलाष्टकम् भगवान श्री हनुमान को समर्पित एक पावन संस्कृत स्तुति है, जिसमें उनके वीरता, पराक्रम, श्रीराम भक्ति, विनय, अनुशासन और दिव्य स्वरूप का भक्तिभाव से स्मरण किया गया है।

    इस मंगलाष्टकम् के आठ श्लोकों में श्री हनुमान जी को कपिश्रेष्ठ, शूर, सुग्रीवप्रिय मन्त्रि, जानकीशोकनाशक, लक्ष्मणप्राणदाता, महाबली, श्रीरामपादभक्त, ब्रह्मचारी, वायुनन्दन और वायुपुत्र आदि स्वरूपों में नमन किया गया है।

    🌺 श्री आञ्जनेय मङ्गलाष्टकम् के प्रमुख भाव:

    ✨ हनुमान जी की वीरता और पराक्रम
    ✨ श्रीराम के प्रति अटूट भक्ति
    ✨ माता जानकी के प्रति सेवा भाव
    ✨ लक्ष्मण के प्रति समर्पण
    ✨ ब्रह्मचर्य और आत्म-अनुशासन
    ✨ विनम्रता और सेवा
    ✨ साहस, श्रद्धा और आध्यात्मिक दृढ़ता

    इस स्तोत्र में लंका में हनुमान जी के पराक्रम, श्रीराम सेवा तथा उनके विभिन्न दिव्य स्वरूपों का भक्तिमय स्मरण किया गया है।

    7 min
  • गजलक्ष्मी मंत्र 🙏 | ॐ श्री ह्रीं क्लीं | गजलक्ष्मी नामावली

    गजलक्ष्मी मंत्र माँ लक्ष्मी के गजलक्ष्मी स्वरूप को समर्पित एक भक्तिमय प्रस्तुति है। गजलक्ष्मी देवी को माँ लक्ष्मी के ऐसे दिव्य स्वरूप के रूप में श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाता है, जो मंगल, समृद्धि, सौभाग्य और दिव्य कृपा से जुड़ा है।

     गजलक्ष्मी स्तुति एवं गजलक्ष्मी नामावली का भक्तिमय पाठ प्रस्तुत किया गया है, जिसमें “ॐ श्री ह्रीं क्लीं…” से प्रारंभ होने वाले मंत्र और माँ के विभिन्न दिव्य नामों का स्मरण किया गया है।

    🌺 गजलक्ष्मी मंत्र एवं नामावली के प्रमुख भाव:

    ✨ गजलक्ष्मी स्वरूप
    ✨ माँ लक्ष्मी की भक्ति
    ✨ धन एवं समृद्धि का भाव
    ✨ सौभाग्य और मंगल
    ✨ दिव्य कृपा और शरणागति
    ✨ ध्यान एवं आध्यात्मिक चिंतन

    🙏 इस मंत्र एवं नामावली को श्रद्धा और शांत मन से सुनें। पूजा या साधना अपनी परंपरा, श्रद्धा और उचित मार्गदर्शन के अनुसार करना उचित है।

    7 min

About My Parikrama- Mantras and Chants

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My parikrama is an online platform/application that offers individuals access to a diverse array of spiritual Tirthas, along with methods of worship and mantras presented in both written and chanting formats. My parikarma was envisioned by Gurudev Vivek ji, with the primary aim of rendering a wealth of Hindu religious materials, sources, chants, mantras, stotras, and various other elements accessible to contemporary audiences in a format that is easily understandable to them.