14 साल की उम्र में छोड़ी पढ़ाई, 30 रुपये दिहाड़ी मजदूरी में किया काम, बने 17,000 करोड़ की कंपनी के मालिक
कभी 30 रुपये रोज कमाने वाला ये शख्स आज करोड़ों की संपत्ति का मालिक है. हम बात कर रहे हैं सेल्फ मेड बिजनेस टाइकून राजिंदर गुप्ता की. जिन्होंने 14 साल की उम्र में पढ़ाई छोड़ दी थी। और खुद के सपनों के पीछे निकल पड़े। उम्र कभी भी कामयाबी का मुहताज नहीं होता इस बात को राजिंदर गुप्ता ने साबित कर के दिखाया है। मैं Tushali
आज हम आपको ट्राइडेंट के चेयरमैन राजिंदर गुप्ता के बारे में बताने जा रहे हैं. ट्राइडेंट ग्रुप का टेक्सटाइल एवं कागज उद्योग में दबदबा है. राजिंदर गुप्ता के कुशल नेतृत्व में ग्रुप ने भारतीय कपड़ा उद्योग को वैश्विक स्तर पर पहुंचने में मदद मिली है. सेल्फ मेड बिजनेस टाइकून राजिंदर गुप्ता की सफलता लाखों युवा उद्यमियों के लिए एक प्रेरणा है. पंजाब के बिजनेस स्कूलों में उनकी इस कामयाबी को केस स्टडी के तौर पर पढ़ाया जाता है.
यह सक्सेस स्टोरी पंजाब के कामयाब उद्योगपति राजिंदर गुप्ता की है, जो एक सेल्फ मेड बिजनेस टाइकून हैं. फिलहाल वे ट्राइडेंट (Trident) के चेयरमैन हैं. इनकी सफलता लाखों युवा उद्यमियों के लिए एक प्रेरणा है. जमीनी स्तर से शुरुआत करके राजिंदर गुप्ता ने 17,000 करोड़ रुपये का बिजनेस साम्राज्य खड़ा कर लिया है. खास बात है कि पंजाब के बिजनेस स्कूलों में उनकी इस कामयाबी को केस स्टडी के तौर पर पढ़ाया जाता है.
हाल ही में जब देश के कामयाब बिजनेस में की लिस्ट आई तो राजिंदर गुप्ता का नाम इसमें शामिल था. वर्तमान में उनकी कुल संपत्ति 12,368 करोड़ रुपये (1.5 बिलियन डॉलर) से अधिक है. राजिंदर गुप्ता की बिजनेस जर्नी की शुरुआत एक छोटे-से कपास व्यापारी के तौर पर हुई. हालांकि, उन्हें शुरुआती दिनों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. राजिंदर गुप्ता ने महज 14 साल की उम्र में 9वीं कक्षा के बाद स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा.
पढ़ाई छोड़ने के बाद राजिंदर गुप्ता ने 30 रुपये की दिहाड़ी मजदूरी में मोमबत्तियां और सीमेंट पाइप बनाने जैसे छोटे-मोटे काम से शुरू किए. वर्षों तक मेहनत करने के बाद, उन्होंने 80 के दशक में बड़ा जोखिम उठाने का फैसला किया. 1985 में अभिषेक इंडस्ट्रीज नाम से एक फर्टिलाइजर फैक्ट्री स्थापित की. इसके बाद 1991 में उन्होंने ज्वाइंट वेंचर के तौर पर कताई मिल की स्थापना की, जिससे उन्हें काफी प्रॉफिट हुआ. इसके बाद राजिंदर गुप्ता टेक्सटाइल्स, पेपर और केमिकल इंडस्ट्री में उतरे. उन्होंने अपनी कंपनी की पंजाब और मध्य प्रदेश में यूनिट खोलीं. के साथ राजिंदर गुप्ता के ट्राइडेंट ग्रुप में रिटेल दिग्गज जेसीपीनी, वॉलमार्ट और लक्ज़री और लिनन जैसे ग्राहक हैं. वे वैश्विक स्तर पर 5 टॉप टेरी टॉवेल निर्माताओं में से हैं. बड़ा बिजनेस ग्रुप बनाने के बाद, 64 वर्षीय गुप्ता ने 2022 में निजी कारणों का हवाला देते हुए ट्राइडेंट में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया. वह अब लुधियाना ‘एमेरिटस ग्रुप’ के चेयरमैन हैं.