
Sign up to save your podcasts
Or


नदियाँ | आलोक धन्वा
इछामती और मेघना
महानंदा
रावी और झेलम
गंगा गोदावरी
नर्मदा और घाघरा
नाम लेते हुए भी तकलीफ़ होती है
उनसे उतनी ही मुलाक़ात होती है
जितनी वे रास्ते में आ जाती हैं
और उस समय भी दिमाग कितना कम
पास जा पाता है
दिमाग तो भरा रहता है
लुटेरों के बाज़ार के शोर से।
By Nayi Dhara Radioनदियाँ | आलोक धन्वा
इछामती और मेघना
महानंदा
रावी और झेलम
गंगा गोदावरी
नर्मदा और घाघरा
नाम लेते हुए भी तकलीफ़ होती है
उनसे उतनी ही मुलाक़ात होती है
जितनी वे रास्ते में आ जाती हैं
और उस समय भी दिमाग कितना कम
पास जा पाता है
दिमाग तो भरा रहता है
लुटेरों के बाज़ार के शोर से।