Normal बातें

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Normal बातें episodes

  • लोगों ने जो कहा, जैसा कहा वह कर दिया । भोलापन
    Enjoy your listening journey .

    आपने कुछ बच्चे को देखा होगा कि आसानी से कुछ भी अगर आप उसको कुछ कह दो ना तो बिना क्वेश्चन किया जो है । वह कर देता है । वह ज्यादा क्वेश्चन आंसर नहीं करता आप उसको जैसा कहो ऐसा कर देगाना एक तरह के लोग की भोलापन जो उसके अंदर है। लोग उसका इस्तेमाल भी करते हैं। ज्यादातर इसका इस्तेमाल करते हैं पर हां, ऐसा नहीं है कि वह कुछ सीख नहीं पाएगा एक टाइम पर वह सीख जाएगा और फिर जो है आप शायद उसे इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे, पर हम भारत को अभी भी जो है। वह बोले लोगों की और अच्छे लोगों की आवश्यकता है। तो आप उसे अच्छा बने रहने दे । It\'s a kind of request !!
    17 min
  • Book Reading । Episode 2
    I want your support and the advice in the comment box .

    There is a question in my mind \" how to improve my Hindi book reading skill ? \" .

    And I find this is a good way to increase or improve my Hindi book reading skill .

    तो यहां पर आप मेरी गलतियों को देखेंगे - सुनेंगे ; और मुझे सुधारने की कोशिश करेंगे । This is the humble request to everyone - to every listener .

    Just show your support in the comment box .
    36 min
  • Book Reading । Episode 1
    I want your support and the advice in the comment box .

    There is a question in my mind \" how to improve my Hindi book reading skill ? \" .

    And I find this is a good way to increase or improve my Hindi book reading skill .

    तो यहां पर आप मेरी गलतियों को देखेंगे - सुनेंगे ; और मुझे सुधारने की कोशिश करेंगे । This is the humble request to everyone - to every listener .

    Just show your support in the comment box .
    38 min
  • Will I remain like this; confused or idiot ?
    क्या मैं ऐसे ही रहूँगा; भ्रमित या मूर्ख?

    I want your every kind of advice .
    That kind of advice you find \" this is better for me \" .

    Send your feedback and support in the comments section ; also you can send your advice for me in the comment section .

    खुदा ना कभी-कभी की खुद की लड़ाई खुद से ही चल रही होती है जैसे कि खुद का आधार पैन खुद का बेवकूफ बना कुछ जानते नहीं है , भरी दुनिया के बारे में हो सकता है ; पता नहीं वह कैसे होगा ,वह काम कैसे होगा , यह सारी बातें दिमाग में होती हैं और फिर फिर क्या डांट फटकार और एक तरह की लड़ाई जो कि हम खुद से लड़ रहे होते हैं ।
    19 min
  • 8 घंटे की पढ़ाई । थोड़ा समय बाहरी दुनिया को देना जरूरी हैं ।
    Enjoy your listening journey .
    Student Life - current affairs - information

    विद्यार्थी जीवन में हमें बहुत सारी चीज पढ़नी होती है जानकारी लेना बहुत जरूरी होता है जितना हम किताबों के बारे में जानकारी रखते हैं उससे कई ज्यादा जरूरी होता है कि हम सही रहे ठीक रहे और बाहरी दुनिया की जानकारी भी हमें हो कम से कम उतनी होनी चाहिए जितनी आवश्यकता है इतनी जरूरत है अगर मन नहीं लगता तो मन लगाने के लिए आपको बाहर जाना चाहिए मैं यह नहीं कहूंगा कि आप पढ़िए मत पर हां थोड़ा मतलब अगर आप 8 घंटे पढ़ते हो तो कम से कम आधे घंटा काम से कम 30 मिनट आप समय निकालिए कि आप देश दुनिया के लिए बाहरी दुनिया में थोड़ा समय बिताइए ।
    20 min
  • Follow our routine in different way । अपनी दिनचर्या को अलग तरीके से अपनाएं
    Enjoy your listening journey .
    ऐसा लगता है कभी-कभी की जो मेरा रोज का काम था आज वह काम नहीं आज उस काम को करने में मैंने वह समय नहीं दिया काम को आगे पीछे किया ।
    कभी-कभी एक ही दिनचर्या को एक ही काम को अगर आप आगे पीछे करके कर लो ना अभी यह कम कर दिया बाद में दूसरा काम कर लिया तो हो सकता है कि आपको अच्छा फील हो जबकि आप जो जो कर रहो नवरोज कर रहे हो परंतु सिर्फ और सिर्फ समाए का उपयोग है अपने आगे पीछे किया अपने पहला काम बाद में दूसरा काम पहले खरकिया ना उसे दुनिया जाने को मन सकता है कि अच्छा भी होते है ।

    हमारे साथ बने रही ।
    Follow me !
    26 min
  • तालाब के जगह पर इमारत ( गांव में )
    यहां पर हम एक इमारत के बारे में बात करने वाले हैं । जो कि जो कि उसे जगह पर बना हुआ है जहां पहले कभी तालाब हुआ करता था । इसके आसपास खेत खलिहान - तबले और सब्जी मंडी हुआ करती थी पर आज बहुत सारी चीज बदल गई आज इतने दिनों बाद जब मैं वहां पर आया हूं । तो इस इमारत को खड़ा देख यह लगा कि पहले तो इसे बनाया गया अब अगर इसे बनाया गया । तो इसकी साज सज्जा ; इसकी देखभाल कौन करता है ; अभी वैसे कोई आदमी दिखा तो नहीं पर बाकी की बात आप इस पॉडकास्ट में सुन सकते हैं ।
    16 min
  • कांटी और मच्छरदानी । बे सर पर की बातें ।
    एक तरह की बातचीत जिसका कोई कारण नहीं है इसके पीछे कोई कारण नहीं है । - बे सर पर की बातें । ( अर्थ )

    Enjoy your listening journey .
    Stay connected with us .

    यहां पर हम मच्छरदानी और कुछ ऐसी बातें जो की जो कि मुझे काफी हद तक जुड़ी हुई है कुछ अटपटी सी बातें जिसका कोई मतलब नहीं है बस मैं बोल दिया है और कुछ नहीं ।

    सब कुछ तो सही है पर फिर भी फिर भी जरूरत पड़ी गई एक कांटी और मच्छरदानी की !!!
    15 min
  • निठल्ला और निकम्मा पन : अच्छी दोस्ती
    Enjoy your listening journey.

    Useless - worthless
    अगर अगर मैं यह कहूं कि हर एक मामले में चाहे वह कुछ भी हो मैं ही ;मैं ही गलत हूं । मैं ही अल्हड़ हूं निकम्मा हूं निठल्ल। हूं ; तू गलत नहीं होगा यहां पर मैंने अपनी दोस्ती और अपने दोस्तों के बारे में कुछ कहा है आप जरूर सुने इस बारे में और जरूर है कि मेरे को सजेस्ट करें कि क्या करूं जो मेरा निठहल्ला पन है जो मेरा निकम्मापन है उसको दूर कैसे करूं ।
    16 min

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