बीरबरल की ही तरह हम भी पढ़े-लिखे हैं, हमारे अंदर शायद उन लोगों से ज्यादा समझ है जो लोग पढ़ना-लिखना नहीं जानते। इसलिए हमारा फर्ज बनता है कि हम ऐसे लोगों की मदद करें। हो सकता है हमारी छोटी सी मदद से किसी का भला हो जाए। उदाहरण के तौर पर मेरे घर में काम करने वाली दीदी पढ़ी-लिखी नहीं है, लिहाजा उनका मकानमालिक उन्हें बेवकूफ बनाकर टैक्स के नाम पर ज्यादा किराया वसूल रहा था। जब दीदी ने मुझे ये बात बताई तो मैने उससे कहा कि वो अपने मकान मालिक से टैक्स के कागज या रसीद मांग कर ले आए। जाहिर सी बात है कि मकान मालिक के पास कोई रसीद नहीं थी, इसलिए अगले महीने से उसने ज्यादा किराया मांगना बंद कर दिया। ऐसे ही आप लोग भी जरूरतमंदों की मदद कर सकते हैं। ताकि उनको मूसीबत के वक्त में अकेला महसूस ना हो। ऐसा करने से उनको तो लाभ होगा ही आपको भी बहुत आदंन आएगा, आपको अपने उपर गर्व महसूस होगा। अगर आपने, ऐसे किसी व्यक्ति की मदद की है तो कमेंट सेक्शन में अपना अनुभव जरूर शेयर करें।