Sign up to save your podcastsEmail addressPasswordRegisterOrContinue with GoogleAlready have an account? Log in here.
October 18, 2020पानी के बुलबुले से शब्द..!2 minutesPlayहम अक्सर अपने शब्दों पर पाबंदियां लगा, उन्हें ख़ामोश कर देते हैं, बाद में अहसास होता है, यदि पहले सुन लेते तो अच्छा था।...moreShareView all episodesBy Paramjit kaurOctober 18, 2020पानी के बुलबुले से शब्द..!2 minutesPlayहम अक्सर अपने शब्दों पर पाबंदियां लगा, उन्हें ख़ामोश कर देते हैं, बाद में अहसास होता है, यदि पहले सुन लेते तो अच्छा था।...more
हम अक्सर अपने शब्दों पर पाबंदियां लगा, उन्हें ख़ामोश कर देते हैं, बाद में अहसास होता है, यदि पहले सुन लेते तो अच्छा था।
October 18, 2020पानी के बुलबुले से शब्द..!2 minutesPlayहम अक्सर अपने शब्दों पर पाबंदियां लगा, उन्हें ख़ामोश कर देते हैं, बाद में अहसास होता है, यदि पहले सुन लेते तो अच्छा था।...more
हम अक्सर अपने शब्दों पर पाबंदियां लगा, उन्हें ख़ामोश कर देते हैं, बाद में अहसास होता है, यदि पहले सुन लेते तो अच्छा था।