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August 02, 2021दोस्ती.. एक अहसास! written and narrated by Paramjit kaurइस भागती -दौड़ती ज़िंदगी में बहुमूल्य है दोस्ती,जो अकेले में भी चेहरे पर मुस्कान ले आए,वही तो है दोस्ती...!3 minPlay
July 22, 2021ईदगाह -मुंशी प्रेमचंदअमर कथाकार मुंशी प्रेमचंद जी ने इस कहानी में एक बच्चे की भावनाओं को जिस प्रकार पेश किया है.. वह बेमिसाल है। हर बार यह कहानी नई अनुभूति देती है।34 minPlay
July 02, 2021एक सफ़र -मजरूह सुल्तानपुरी के साथ Poets & Poetries with Paramjit kaurरुक जाना नहीं ..तू कहीं हार केकांटों पे चल के.. मिलेंगे साये बहार के कलम की स्याही से गीत, गज़ल और शेर-ओ-शायरी की दुनिया में राज करने वाले .. मजरूह सुल्तानपुरी जिनके गीत आज भी फिज़ा में बिखरते हैं, गाए-गुनगुनाए जाते हैं।12 minPlay
June 22, 2021मैं ही कश्ती हूं, मुझी में है समुंदर मेरा! निदा फ़ाज़लीPoet & Poetries with Paramjit kaur9 minPlay
June 22, 2021हर घड़ी ख़ुद से उलझना है मुकद्दर मेरा, मैं ही कश्ती हूं, मुझी में है समुंदर मेरा! निदा फ़ाज़लीPoetry project -Paramjit kaur9 minPlay
June 17, 2021कविता-तुम मुझको कब तक रोकोगे..!राजेश तेलंग जी द्वारा रचित यह कविता जीवन में हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।51 minPlay
June 11, 2021संतुलनजो तबाही हमें रुलाती है, उसकी आहट पर प्रकृति उदास हो जाती है। बाढ़, सूखा, तूफ़ान देख कर भी क्यों हम समझ नहीं पाते..? वर्ष भर उसका दोहन कर, पर्यावरण के नाम पर एक दिवस मना अपना अधिकार जताते हैं। ज़रूरी है विकास के साथ पर्यावरण में संतुलन बनाना।4 minPlay
May 16, 2021पुरूषत्व की परिभाषा..!अपने अंदर अनगिनत रंगों को समेटकर भी, क्यों आज भी वह सिमट जाती है...? परमजीत कौर4 minPlay
April 28, 2021कविता -ज़िंदगी हार नहीं मानती..! परमजीत कौरजीवन में परिस्थितियाँ कैसी भी हों, ज़रूरी है अपना संयम न खोना! जीवन में हारता वही है, जो सामना नहीं करता।4 minPlay
January 01, 2021मिट्टी की पहचान (कविता) -परमजीत कौरइस कविता में सड़कों पर खड़े किसान का दर्द बयां करने का प्रयास किया है।6 minPlay