Kalam Bolti Hai

Kalam Bolti Hai

By Paramjit kaurArtsBooks
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Kalam Bolti Hai episodes

  • वीर (कविता)- रामधारी सिंह दिनकर। वाचन- परमजीत कौर
    जीवन के संघर्ष ही हमें ,
    हमारी स्थिति का अहसास कराते हैं ।
    कायरता और बहादुरी दोनों हमारे अंदर ही हैं । यह हम पर निर्भर है कि हम किसे चुनते हैं।
    राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर जी द्वारा लिखी ,
    कविता 'वीर 'सभी वीरों को समर्पित है ।
    5 min
  • दूरी (लघु कथा)- परमजीत कौर(लेखन व वाचन)
    यह जीवन रंगमंच है । हम देखते है , अपने किरदार के साथ ,ऐसे बहुत से पात्र, जो ,इस रंगमंच का अभिन्न हिस्सा होने के बावजूद सीमाओं में बंधे हैं या बांध दिये गए हैं । समाज को परिभाषित करती , यह हकीकत है ,
    ये दूरियाँ , ये फ़ासले ,
    कुछ लुटाते हैं , खुशियाँ मनाने में ,
    वे लुटते हैं , पेट की भूख मिटाने में ! ©परमजीत कौर
    5 min
  • सत्य विचलित नहीं होता (कविता)- परमजीत कौर
    अक्सर ,जो दिखता है, वह पूरा सत्य नहीं होता,
    क्योंकि ,सत्य विचलित नहीं होता !
    ऐसा ही होता आया है,
    यह सोच कर , गलत होते देख कर भी ,मुँह मोड़ लेना !
    कितना सही है ?
    बहाव में बह जाना और प्रश्न करने से कतराना -2
    बिना सोचे समझे किसी के साँचे में ढल जाना !-2
    आज ज़रूरत है , अपने आप से सवाल करने की ।
    5 min
  • गजानन माधव मुक्तिबोध -मुझे कदम कदम पर वाचन- परमजीत कौर
    गजानन माधव मुक्तिबोध नई कविता के सशक्त कवि हैं। उनके अनुसार, आज के रचनाकार की समस्या विषयों की कमी नहीं है। विषय अनेक हैं, मगर उनका सही चुनाव अपने आप में गंभीर और चुनौती पूर्ण है।
    30 min
  • महाकवि दुष्यंत कुमार -"मैं जिसे ओढ़ता-बिछाता हूँ वो ग़ज़ल आपको सुनाता हूँ.. स्वर परमजीत कौर
    "मैं जिसे ओढ़ता-बिछाता हूँ
    वो ग़ज़ल आपको सुनाता हूँ।"
    ग़ज़ल सम्राट दुष्यंत कुमार जी पहले ऐसे ग़ज़लकार हैं, जिन्होंने ग़ज़ल को हिंदी में स्थापित करने का न केवल सफल प्रयास किया बल्कि युग की धड़कनों से जोड़ा ।
    दुष्यंत जी के काव्य में शब्दों के प्रयोग और सोच दोनों ही में असाधारण नवीनता थी। इस एपिसोड में उनकी ग़ज़ल के कुछ पहलुओं की झलक दिखाने का प्रयास किया है।
    11 min
  • उषा प्रियंवदा -वापसी स्वर -परमजीत कौर
    लेखिका ने इस कहानी में गजाधर बाबू के रूप में नौकरी से सेवानिवृत्त हो कर घर लौटे पुरुष मन की व्यथा का चित्रण किया है। परिवार से जुड़ कर जीने की इच्छा को मन में लिए ,घर लौटे तो हैं फिर भी परिवार के बीच अकेले जीने पर विवश हैं । मजबूरी में उन्हें दूसरी नौकरी के लिए जाना पड़ा |
    11 min
  • अवतार सिंह 'पाश' की कविता -मेहनत की लूट
    अवतार सिंह 'पाश' सत्तर के दशक में पंजाबी काव्य जगत के रौशन सितारा थे। वह अपने समाज और अपनी ज़मीन से सीधे जुड़े कवि थे। इस कविता के अनुसार मानव जीवन में सबसे बुरा तब होता है जब वह बिना सपनों, आकांक्षाओं के जीवन जीता रहे।
    5 min
  • भीष्म साहनी- फ़ैसला Storytelling and podcast - Paramjit
    हिंदी साहित्य में सशक्त अभिव्यक्ति और बेहद सादगी पसंद रचनाकार भीष्म साहनी की रचना फ़ैसला' यह सीख देती है- समाज में व्यवहार के नाम पर अपने अस्तित्व का सौदा करें या नहीं, यह हम पर निर्भर है।
    16 min
  • मुंशी प्रेमचंद (लेखक) -कहानी-स्त्री और पुरुष स्वर- परमजीत कौर
    मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखी कहानी 'स्त्री और पुरुष 'न केवल एक सोच को उजागर करती है बल्कि वास्तविक सुंदरता से भी परिचित करवाती है।
    14 min

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Hamare aaspaas bahut si kahaniyaan hain . Kahi mulyon se jodti to kahi bikhrav se jhanjhorti hain ye kahaniyan...