कई बार हमारे आस -पास ऐसी कुछ घटनाएँ होती हैं ,जो हमें इंसानियत से रूबरू करवा दिल को भिगो देती हैं यह कहानी एक सच्ची घटना पर आधारित है , जहाँ कुछ लोगों ने अपनी समझदारी से इंसानियत को गौरवान्वित किया । जिसे मेरी कलम ने पंक्तिबद्ध किया है ।
यह कहानी गाँव के उन बच्चों की है जो इस महामारी के दौर में स्कूल खुलने की आस लगाए बैठे हैं। आज हर जगह वर्चुअल क्लासेज़ की चर्चा है... मगर हकीकत में हम कहाँ हैं..?
जिसके विशाल ह्रदय में जज़्बातों का अथाह सागर ! जैसे संपूर्ण सृष्टि की भावनाओं का प्रतिबिंब! उसके व्यक्तित्व की गहराई में कुछ रंग बिखर गए हैं। सदियों से आज भी जूझती है, वह अपने आत्मसम्मान के लिए!
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About Kalam Bolti Hai
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Hamare aaspaas bahut si kahaniyaan hain . Kahi mulyon se jodti to kahi bikhrav se jhanjhorti hain ye kahaniyan...
Jo Dil Ko chho jaye....vahi hai meri Kalam ka prayas ...