जिसके विशाल ह्रदय में जज़्बातों का अथाह सागर ! जैसे संपूर्ण सृष्टि की भावनाओं का प्रतिबिंब! उसके व्यक्तित्व की गहराई में कुछ रंग बिखर गए हैं। सदियों से आज भी जूझती है, वह अपने आत्मसम्मान के लिए!
जिसके विशाल ह्रदय में जज़्बातों का अथाह सागर ! जैसे संपूर्ण सृष्टि की भावनाओं का प्रतिबिंब! उसके व्यक्तित्व की गहराई में कुछ रंग बिखर गए हैं। सदियों से आज भी जूझती है, वह अपने आत्मसम्मान के लिए!