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आज पिता दिवस के अवसर कुछ अनुभूति एक कविता के रूप में प्रगट हुआ। ये मेरे पापा के विषय में है पर कदाचित इसमें आपको अपने पिता की झलक भी मिल जाए और आप भी मेरे शब्दों में आपनी स्वयं की अभिव्यक्ति को ढूंढ पाएं।
आपके विचार आपके शब्द में हम तक अवश्य बताएं।
By Vivek Dutta Mishraआज पिता दिवस के अवसर कुछ अनुभूति एक कविता के रूप में प्रगट हुआ। ये मेरे पापा के विषय में है पर कदाचित इसमें आपको अपने पिता की झलक भी मिल जाए और आप भी मेरे शब्दों में आपनी स्वयं की अभिव्यक्ति को ढूंढ पाएं।
आपके विचार आपके शब्द में हम तक अवश्य बताएं।