कर्नाटक विधानसभा चुनावों में पिछले चार दशकों से चली आ रही सियासी परिपाटी बदलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तूफानी रफ्तार से चुनावी सभाएं कर रहे हैं । कर्नाटक को लेकर बीजेपी रणनीतिकारों के Over Confidence यानी अति आत्मविश्वास की सबसे बड़ी वजह है– पीएम मोदी का चेहरा । उसके बाद बीजेपी की डबल इंजन सरकार का काम,फिर वोट की सोशल इंजीनियरिंग।वहीं, कांग्रेसी दिग्गजों के लग रहा है कि अब बेंगलुरु की सत्ता में आने की उनकी बारी है । भ्रष्टाचार का मुद्दा बीजेपी की बोम्मई सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए काफी है..जेडीएस को भी सूबे के सियासी दंगल में अपने लिए भरपूर संभावना दिख रही है। लेकिन, राजनीति संभावनाओं का खेल है..जिसमें कब कौन सिकंदर बन जाए? कौन सा मुद्दा किसकी जमीन खिसका दे और किसे सत्ता के शीर्ष पर पहुंचा दे..इसकी भविष्यवाणी करना हमेशा से मुश्किल काम रहा है । लेकिन, कर्नाटक की राजनीति का मूल चरित्र क्या है? किन तत्वों से प्रभावित होती रही है..कर्नाटक राज्य का मौजूदा नक्शा कैसे तैयार हुआ? वहां की सियासत में किस तरह से लिंगायत और वोक्कालिगा बड़े ध्रुव बने? कर्नाटक के मुख्यमंत्री वाली कुर्सी पर इतनी फिसलन क्यों हैं ? आपके मन में उठते इस तरह के कई सवालों के जवाब तलाशने के लिए इतिहास के पन्नों को पलटना होगा..कर्नाटक पॉलिटिक्स में समय के साथ आते उतार-चढ़ाव की कहानी को समझना होगा?आज के इस खास एपिसोड में अनुराधा प्रसाद से जानिए कर्नाटक के कल..आज और कल की तस्वीर से अजब कर्नाटक की गजब कहानी सिर्फ PODCAST 24 AWAAZ SABKI..पर ।
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