दहेज के लोभी वर के कारण एक कन्या के मासूम हृदय पर किए गए आघात, जिसे वह बेचारी अपनी गलती मान कर क्षमा मांगते नही थक रही थी। उसे हर तरीके का दंड स्वीकार था इस रिश्ते को निभाने के लिए। लेकिन बाद में ऐसा क्या हुआ कि उसने स्वयं ही अपने आपको इस दुख से उबार लिया और फिर से नई जिंदगी जीने लगी ? जानने के लिए सुनिए कहानी- कुसुम!!!