एक नारी की कहानी जिसने अपने ससुराल में हर तरह को परेशानियां को झेलते और तानों को सुनते हुए भी कभी अपने चेहरे पर शिकन नहीं आने दी । जब मां बनी तो उसने अपने बच्चों में अपनी खुशियां देखी। लेकिन दुर्भाग्यवश पहले सास ससुर और फिर उसके लाडलों का दुनिया छोड़ देना। इन सब ने उस अबला की दुनिया ही उजाड़ दी, वो हंसना, खेलना, साज श्रृंगार सब त्याग कर शोक में डूबी रहती। उसे तीज त्यौहार का भी ध्यान नहीं रहता। फिर ऐसा क्या हुआ कि या कौन सी ऐसी घटना ने उसके जीवन को मोड़ दिया। उसने न केवल अपने शोक को अपने अंदर दबा लिया बल्कि साज श्रृंगार कर खुद को तैयार कर ली? जानने के लिए सुनिए - कहानी स्वर्ग की देवी!!!!