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पू स्वामिनी अमितानंदजी अपनी इस प्रेरक कहानी में एक दृष्टान्त के द्वारा यह बता रही हैं की सबके नाम-रूप भले ही विविध हों लेकिन सबका तत्त्व एक ही है।
By Vedanta Ashramपू स्वामिनी अमितानंदजी अपनी इस प्रेरक कहानी में एक दृष्टान्त के द्वारा यह बता रही हैं की सबके नाम-रूप भले ही विविध हों लेकिन सबका तत्त्व एक ही है।