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पू.गुरूजी श्री स्वामी आत्मानन्द जी महाराज के महाशिवरात्रि ज्ञान-भक्ति शिविर पर आयोजित वेदान्त शिविर में श्रीमद्भगवद गीता के पुरुषोत्तम योग नामक पन्द्रवें अध्याय पर अपने प्रवचनों की श्रंखला के अंतिम प्रवचन में अध्याय के अंतिम पुरुषोत्तम प्रसंग पर पुनः विस्तृत चिंतन कर अध्याय का समापन किया।
पू.गुरूजी श्री स्वामी आत्मानन्द जी महाराज के महाशिवरात्रि ज्ञान-भक्ति शिविर पर आयोजित वेदान्त शिविर में श्रीमद्भगवद गीता के पुरुषोत्तम योग नामक पन्द्रवें अधयाय पर अपने प्रवचनों की श्रंखला के नवें प्रवचन में अध्याय के पन्द्रवें श्लोक का विस्तृत चिंतन करके, अंतिम प्रसंग में प्रवेश करते हुए १६वें से १८वें श्लोक का पाठ किया था।
पू.गुरूजी श्री स्वामी आत्मानन्द जी महाराज के महाशिवरात्रि ज्ञान-भक्ति शिविर पर आयोजित वेदान्त शिविर में श्रीमद्भगवद गीता के पुरुषोत्तम योग नामक पन्द्रवें अधयाय पर अपने प्रवचनों की श्रंखला के आठवें प्रवचन में अध्याय के चौदवें श्लोक तक चिंतन किया।
पू.गुरूजी श्री स्वामी आत्मानन्द जी महाराज के महाशिवरात्रि ज्ञान-भक्ति शिविर पर आयोजित वेदान्त शिविर में श्रीमद्भगवद गीता के पुरुषोत्तम योग नामक पन्द्रवें अधयाय पर अपने प्रवचनों की श्रंखला के सातवें प्रवचन में अध्याय के दसवें श्लोक तक चिंतन किया।
पू.गुरूजी श्री स्वामी आत्मानन्द जी महाराज के महाशिवरात्रि ज्ञान-भक्ति शिविर पर आयोजित वेदान्त शिविर में श्रीमद्भगवद गीता के पुरुषोत्तम योग नामक पन्द्रवें अधयाय पर अपने प्रवचनों की श्रंखला के छठे प्रवचन में अध्याय के सातवें श्लोक तक चिंतन किया।
पू.गुरूजी श्री स्वामी आत्मानन्द जी महाराज के महाशिवरात्रि ज्ञान-भक्ति शिविर पर आयोजित वेदान्त शिविर में श्रीमद्भगवद गीता के पुरुषोत्तम योग नामक पन्द्रवें अधयाय पर अपने प्रवचनों की श्रंखला के पाँचवें प्रवचन में अध्याय के पांचवें श्लोक तक चिंतन किया।
पू.गुरूजी श्री स्वामी आत्मानन्द जी महाराज के महाशिवरात्रि ज्ञान-भक्ति शिविर पर आयोजित वेदान्त शिविर में श्रीमद्भगवद गीता के पुरुषोत्तम योग नामक पन्द्रवें अधयाय पर अपने सार-गर्भित प्रवचनों की श्रंखला के चौथे प्रवचन में अध्याय के दूसरे एवं तीसरे श्लोकों का गहन चिंतन किया।
पू गुरूजी श्री स्वामी आत्मानन्द जी महाराज के महाशिवरात्रि ज्ञान-भक्ति शिविर पर आयोजित वेदान्त शिविर में श्रीमद्भगवद गीता के पुरुषोत्तम योग नामक पन्द्रवें अधयाय पर अपने सार-गर्भित प्रवचनों की श्रंखला के तीसरे प्रवचन में अध्याय के दूसरे श्लोक में प्रवेश करते हैं।
पू गुरूजी श्री स्वामी आत्मानन्द जी महाराज के महाशिवरात्रि ज्ञान-भक्ति शिविर पर आयोजित वेदान्त शिविर में श्रीमद्भगवद गीता के पुरुषोत्तम योग नामक पन्द्रवें अधयाय पर अपने अत्यंत सार-गर्भित प्रवचनों की श्रंखला के दूसरे प्रवचन में - संसार वृक्ष के अनेकों पहलुओं पर प्रकाश डाला।
पू गुरूजी श्री स्वामी आत्मानन्द जी महाराज के 'महाशिवरात्रि ज्ञान-भक्ति शिविर' पर आयोजित वेदान्त शिविर में 'श्रीमद्भगवद गीता के पुरुषोत्तम योग नामक पन्द्रवें अध्याय पर अपने अत्यंत सार-गर्भित प्रवचनों की श्रंखला के प्रथम प्रवचन में - अध्याय के विषय और प्रयोजन पर प्रकाश डाला, तथा अध्याय के पहले श्लोक की चर्चा प्रारम्भ करी।
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