
Sign up to save your podcasts
Or


एक बार एक ट्रेन में एक महात्माजी यात्रा कर रहे थे। उनके पास में ही एक और सज्जन बैठे थे। स्वामीजी को देख कर उन सज्जन में आदर के साथ उनसे कुछ चर्चा प्रारम्भ करी और अन्योन्य परिचय के बाद उन्होंने आजकल के युवाओं के बारे में उनके विचार जानने चाहे। महाराज जी ने कहा की हमें कोई समस्या नहीं दिखती है - सब अच्छा है। तब उस व्यक्ति ने कहा की हमें तो लगता है की आजकल के युवा बहुत स्वछन्द हो गए हैं, बहुत मनमर्जी करते हैं, बड़ों की आज्ञा नहीं मानते हैं, और फिर उन्होंने अपने ही लड़के के बारे में बताया की वो कुछ ऐसा ही हो गया है। हम क्या करें? कुछ समय तक तो उन्होंने कुछ जवाब नहीं दिया, फिर जब उस व्यक्ति ने अपना पान-का-मसाला निकला तो उसको निमित्त बनाकर महाराज जी ने जो कहा तब उस व्यक्ति को अपने प्रश्न का उत्तर मिल गया। उन्होंने क्या बताया यह आप इस सुन्दर प्रेरक कहानी में पू स्वामिनी अमितानन्द जी से सुने।
By Vedanta Ashramएक बार एक ट्रेन में एक महात्माजी यात्रा कर रहे थे। उनके पास में ही एक और सज्जन बैठे थे। स्वामीजी को देख कर उन सज्जन में आदर के साथ उनसे कुछ चर्चा प्रारम्भ करी और अन्योन्य परिचय के बाद उन्होंने आजकल के युवाओं के बारे में उनके विचार जानने चाहे। महाराज जी ने कहा की हमें कोई समस्या नहीं दिखती है - सब अच्छा है। तब उस व्यक्ति ने कहा की हमें तो लगता है की आजकल के युवा बहुत स्वछन्द हो गए हैं, बहुत मनमर्जी करते हैं, बड़ों की आज्ञा नहीं मानते हैं, और फिर उन्होंने अपने ही लड़के के बारे में बताया की वो कुछ ऐसा ही हो गया है। हम क्या करें? कुछ समय तक तो उन्होंने कुछ जवाब नहीं दिया, फिर जब उस व्यक्ति ने अपना पान-का-मसाला निकला तो उसको निमित्त बनाकर महाराज जी ने जो कहा तब उस व्यक्ति को अपने प्रश्न का उत्तर मिल गया। उन्होंने क्या बताया यह आप इस सुन्दर प्रेरक कहानी में पू स्वामिनी अमितानन्द जी से सुने।