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पू स्वामिनी पूर्णानन्दजी एक सुन्दर सी प्रेरक कहानी सुना रही हैं जिसमे क्रोध के प्रवाह में नहीं बहने की प्रेरणा मिलती है। कहानी एक किसान की है जो अपने परिवार की बहुत प्रेम से सेवा करता था, लेकिन कुछ ऐसा घटनाक्रम हुआ जिसके वज़ह से उसे अपने छोटे भाई के उपर बहुत क्रोध आया और उसपर केस करने की ठान ली। लेकिन ईश्वर कृपा से उसे एक ऐसा वकील मिला जिसने उसे सही राह दिखाई और उसका और उसके परिवार का पुनः कल्याण हो गया, अन्यथा वो क्लेश और अंताप के गर्त में गिर कर और फस जाता।
By Vedanta Ashramपू स्वामिनी पूर्णानन्दजी एक सुन्दर सी प्रेरक कहानी सुना रही हैं जिसमे क्रोध के प्रवाह में नहीं बहने की प्रेरणा मिलती है। कहानी एक किसान की है जो अपने परिवार की बहुत प्रेम से सेवा करता था, लेकिन कुछ ऐसा घटनाक्रम हुआ जिसके वज़ह से उसे अपने छोटे भाई के उपर बहुत क्रोध आया और उसपर केस करने की ठान ली। लेकिन ईश्वर कृपा से उसे एक ऐसा वकील मिला जिसने उसे सही राह दिखाई और उसका और उसके परिवार का पुनः कल्याण हो गया, अन्यथा वो क्लेश और अंताप के गर्त में गिर कर और फस जाता।