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एक बार एक आदमी ने बैंक से कुछ पैसे निकलवाए, लेकिन गलती से केशियर ने कुछ पैसे ज्यादा दे दिए। इसके बाद उस आदमी के मन में कुछ उथल-पुथल होने लगी। एक मन बोल रहा था की रख लो, और दूसरा मन कह रहा था की नहीं हमें वे ज्यादा वाले पैसे वापस दे देने चाहिए। फिर आगे क्या हुआ - इस सुन्दर प्रेरक कहानी में पू स्वामिनी समतानंदजी से सुनिए।
By Vedanta Ashramएक बार एक आदमी ने बैंक से कुछ पैसे निकलवाए, लेकिन गलती से केशियर ने कुछ पैसे ज्यादा दे दिए। इसके बाद उस आदमी के मन में कुछ उथल-पुथल होने लगी। एक मन बोल रहा था की रख लो, और दूसरा मन कह रहा था की नहीं हमें वे ज्यादा वाले पैसे वापस दे देने चाहिए। फिर आगे क्या हुआ - इस सुन्दर प्रेरक कहानी में पू स्वामिनी समतानंदजी से सुनिए।