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पू स्वामिनी अमितानन्द जी से एक सुन्दर और प्रेरक कहानी सुनिए जहाँ पर एक गधा अपने पीड़ाओं से मुक्ति के चक्कर में पास के एक घने जंगल के अंदर प्रवेश कर जाता है गया,और फिर लौटने की प्रेरणा न होने के कारण आगे बढ़ता चला गया, और ईश्वर इच्छा से वो जंगल के पार एक दूसरे गांव में पहुँच जाता है जहाँ पर अच्छे लोग रहते थे और फिर वो वहीँ रह गया। यद्यपि उसके अपने गांव में पहले तो चर्चा हुई फिर लोगों ने बोलै अच्छा ही हुआ की वो अपने दुष्ट स्वामी से मुक्त हो गया। थोड़े दिन बाद कुछ कुत्तों ने भी गधे के रस्ते पर चलने का विचार किया और फिर धीरे-धीरे दूसरे जानवर भी चले गए। उसके बाद उस रस्ते को दूसरे गांव वालों ने ढूंढा और पता चला की इससे भी छोटा और सीधा रास्ता। कहानी का सन्देश यह है की यद्यपि सहस करके समाधान ढूढने से रास्ता तो मिल जाता है लेकिन अगर बुद्धिमानों का मार्ग निर्देशन प्राप्त हो जाये तो यात्रा और सुलभ हो जाती है।
By Vedanta Ashramपू स्वामिनी अमितानन्द जी से एक सुन्दर और प्रेरक कहानी सुनिए जहाँ पर एक गधा अपने पीड़ाओं से मुक्ति के चक्कर में पास के एक घने जंगल के अंदर प्रवेश कर जाता है गया,और फिर लौटने की प्रेरणा न होने के कारण आगे बढ़ता चला गया, और ईश्वर इच्छा से वो जंगल के पार एक दूसरे गांव में पहुँच जाता है जहाँ पर अच्छे लोग रहते थे और फिर वो वहीँ रह गया। यद्यपि उसके अपने गांव में पहले तो चर्चा हुई फिर लोगों ने बोलै अच्छा ही हुआ की वो अपने दुष्ट स्वामी से मुक्त हो गया। थोड़े दिन बाद कुछ कुत्तों ने भी गधे के रस्ते पर चलने का विचार किया और फिर धीरे-धीरे दूसरे जानवर भी चले गए। उसके बाद उस रस्ते को दूसरे गांव वालों ने ढूंढा और पता चला की इससे भी छोटा और सीधा रास्ता। कहानी का सन्देश यह है की यद्यपि सहस करके समाधान ढूढने से रास्ता तो मिल जाता है लेकिन अगर बुद्धिमानों का मार्ग निर्देशन प्राप्त हो जाये तो यात्रा और सुलभ हो जाती है।