प्रेरणा के पंख | Prerna Ke Pankh | Motivational Hindi Stories

प्रेरणा के पंख | Prerna Ke Pankh | Motivational Hindi Stories

By Supriya BaijalReligion & Spirituality
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प्रेरणा के पंख | Prerna Ke Pankh | Motivational Hindi Stories episodes

  • श्री राम चन्द्र कृपालु भजमन | श्री राम स्तुति | Shri Ram Stuti | Shri Ram Chandra kripalu Bhaj Man
    श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन
    श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम् ।
    नवकंज लोचन, कंज मुख, कर कंज, पद कन्जारुणम ॥1॥
    कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम ।
    पट पीत मानहु तड़ित रुचि शुचि नौमी जनक सुतावरम् ॥2॥
    भजु दीनबंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम् ।
    रघुनंद आनंदकंद कौशलचंद दशरथ नन्दनम ॥3॥
    सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारू उदारु अंग विभुषणं ।
    आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धुषणं ॥4॥
    इति वदति तुलसीदास शंकर-शेष-मुनि-मन-रंजनम् ।
    मम् हृदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम् ॥5॥
    6 min
  • Om Jai Jagdish Hare| Full | ॐ जय जगदीश हरे आरती | Om Jai Jagdish Hare Aarti with PDF in Hindi
    ॐ जय जगदीश हरे आरती | Om Jai Jagdish Hare Aarti PDF in Hindi
    ॐ जय जगदीश हरे आरती | Om Jai Jagdish Hare Aarti in Hindi
    ॐ जय जगदीश हरे एक हिंदू धार्मिक गीत है। यह सर्वोच्च भगवान विष्णु को समर्पित है और ज्यादातर विष्णु मंदिरों में गाया जाता है। यद्यपि धार्मिक भजन एक हिंदी भाषा की रचना है, यह हिंदुओं द्वारा व्यापक रूप से गाया जाता है। हिंदू पूजा का एक रूप, आरती के समय पूरी मण्डली द्वारा प्रार्थना गाई जाती है।
    यह जयदेव के गीता गोविंदा के दशावतार  खंड से प्रेरित हो सकता है, जो 12वीं शताब्दी की एक गीतात्मक रचना है, जिसमें एक ही भाव है।
    ॐ जय जगदीश हरे आरती | Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics
    ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।
    भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥
    जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।
    सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय…॥
    मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।
    तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय…॥
    तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥
    पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय…॥
    तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता।
    मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय…॥
    तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
    किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय…॥
    दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
    अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय…॥
    विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
    श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय…॥
    श्री जगदीशजी की आरती जो कोई नर गावे।
    कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय…॥
    5 min
  • Old is Gold | Aapki Nazaron Ne Samjha Pyar Ke Kaabil Mujhe | Filmy song | Song by Lata Mangeshkar
    Aap Ki Nazron Ne Samjha Lyrics in Hindi from theh movie Anpadh (1962) sung by Lata Mangeshkar. The song is written by Raja Mehdi Ali Khan and music composed by Madan Mohan. Starring Dharmendra and Mala Sinha in lead roles.
    Aapki nazaron ne samjha pyaar ke kabil mujhe dil ki ai dhadkan thaher ja mil gayee manzil mujhe aapki nazron ne samjha ji hamen manzoor hai aapka ye faisla ji hamen manzoor hai aapka ye faisla kah rahi hai har nazar banda paravar shukriya hanske apni zindagi mein kar liya shaamil mujhe dil ki ai dhadkan thaher ja mil gayee manzil mujhe aapki nazron ne samjha aapki manzil hoon main meri manzil aap hain aapki manzil hoon main meri manzil aap hain kyon main toofaan se darun mere saahil aap hain koi tufanon se kah de dil ki ai dhadkan thaher ja mil gaya sahil mujhe aapki nazron ne samjha pad gai dil par meri aapki parchhaiyan pad gai dil par meri aapki parchhaiyan har taraf bajane lagin saikadon shahnaaiyaan do jahaan ki aaj khushiyan ho gayee haasil mujhe aapki nazaron ne samjha pyaar ke kabil mujhe dil ki ai dhadkan thaher ja mil gayee manzil mujhe aapki nazron ne samjha
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    4 min
  • संपूर्ण पर्व मकरसंक्रांति | significance of festival of makarsankranthi
    Hello Everyone , सूर्य को वेदों में जगत की आत्मा कहा गया है। समस्त चराचर जगत की आत्मा सूर्य ही है। सूर्य से ही इस पृथ्वी पर जीवन है, यह आज एक सर्वमान्य सत्य है। वैदिक काल में आर्य सूर्य को ही सारे जगत का कर्ता धर्ता मानते थे । सूर्य का शब्दार्थ है सर्व प्रेरक.यह सर्व प्रकाशक, सर्व प्रवर्तक होने से सर्व कल्याणकारी है। ऋग्वेद के देवताओं कें सूर्य का महत्वपूर्ण स्थान है। यजुर्वेद ने "चक्षो सूर्यो जायत" कह कर सूर्य को भगवान का नेत्र माना है। छान्दोग्यपनिषद में सूर्य को प्रणव निरूपित कर उनकी ध्यान साधना से पुत्र प्राप्ति का लाभ बताया गया है। ब्रह्मवैर्वत पुराण तो सूर्य को परमात्मा स्वरूप मानता है। प्रसिद्ध गायत्री मंत्र सूर्य परक ही है। सूर्योपनिषद में सूर्य को ही संपूर्ण जगत की उतपत्ति का एक मात्र कारण निरूपित किया गया है। और उन्ही को संपूर्ण जगत की आत्मा तथा ब्रह्म बताया गया है। सूर्योपनिषद की श्रुति के अनुसार संपूर्ण जगत की सृष्टि तथा उसका पालन सूर्य ही करते है। सूर्य ही संपूर्ण जगत की अंतरात्मा हैं। अत: कोई आश्चर्य नहीं कि वैदिक काल से ही भारत में सूर्योपासना का प्रचलन रहा है। पहले यह सूर्योपासना मंत्रों से होती थी। बाद में मूर्ति पूजा का प्रचलन हुआ तो यत्र तत्र सूर्य मन्दिरों का नैर्माण हुआ। भविष्य पुराण में ब्रह्मा विष्णु के मध्य एक संवाद में सूर्य पूजा एवं मन्दिर निर्माण का महत्व समझाया गया है। अनेक पुराणों में यह आख्यान भी मिलता है, कि ऋषि दुर्वासा के शाप से कुष्ठ रोग ग्रस्त श्री कृष्ण पुत्र साम्ब ने सूर्य की आराधना कर इस भयंकर रोग से मुक्ति पायी थी। प्राचीन काल में भगवान सूर्य के अनेक मन्दिर भारत में बने हुए थे। उनमे आज तो कुछ विश्व प्रसिद्ध हैं। वैदिक साहित्य में ही नहीं आयुर्वेद, ज्योतिष, हस्तरेखा शास्त्रों में सूर्य का महत्व प्रतिपादित किया गया है। मकर संक्राति एक ऐसा त्योहार है जिस दिन किए गए काम अनंत गुणा फल देते हैं. मकर संक्रांति को दान, पुण्य और देवताओं का दिन कहा जाता है. मकर संक्रांति को 'खिचड़ी' भी कहा जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि के घर जाते हैं. मकर संक्रांति से ही ऋतु परिवर्तन भी होने लगता है. मकर संक्रांति से सर्दियां खत्म होने लगती हैं और वसंत ऋतु की शुरुआत होती है. इस साल मकर संक्रांति पर विशेष योग बन रहा है क्योंकि सूर्य के साथ पांच अन्य ग्रह (सूर्य, शनि, बृहस्पति, बुध और चंद्रमा) मकर राशि में विराजमान रहेंगे.
    8 min
  • Sankat Mochan Hanumanashtak | Full meaning of Hanuman Stuti | Worship of God Hanuman 🙏🙏
    Listen the full meaning of Hanuman Stuti . Sankat Mochan Hanuman Ashtak . संकटमोचन हनुमान जी की आराधना के लिए प्रतिदिनसमर्पित है । संकटों और कष्टों से मुक्ति के लिए आज मंगलवार के दिन आपको संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ करना चाहिए। आइए जानते हैं संकटमोचन हनुमानाष्टक पाठ के बारे में।संकटमोचन हनुमानाष्टक
    बाल समय रबि भक्षि लियो तब,
    तीनहुं लोक भयो अंधियारो।
    ताहि सों त्रास भयो जग को,
    यह संकट काहु सों जात न टारो॥
    देवन आन करि बिनती तब,
    छांड़ि दियो रबि कष्ट निवारो।
    को नहिं जानत है जग में कपि,
    संकटमोचन नाम तिहारो॥
    बालि की त्रास कपीस बसै गिरि,
    जात महाप्रभु पंथ निहारो।
    चौंकि महा मुनि शाप दियो तब,
    चाहिय कौन बिचार बिचारो॥
    कै द्विज रूप लिवाय महाप्रभु,
    सो तुम दास के शोक निवारो।
    को नहिं जानत है जग में कपि,
    संकटमोचन नाम तिहारो॥
    अंगद के संग लेन गये सिय,
    खोज कपीस यह बैन उचारो।
    जीवत ना बचिहौ हम सो जु,
    बिना सुधि लाय इहां पगु धारो॥
    हेरि थके तट सिंधु सबै तब,
    लाय सिया-सुधि प्राण उबारो।
    को नहिं जानत है जग में कपि,
    संकटमोचन नाम तिहारो॥
    रावन त्रास दई सिय को सब,
    राक्षसि सों कहि शोक निवारो।
    ताहि समय हनुमान महाप्रभु,
    जाय महा रजनीचर मारो॥
    चाहत सीय अशोक सो आगि सु,
    दै प्रभु मुद्रिका शोक निवारो।
    को नहिं जानत है जग में कपि,
    संकटमोचन नाम तिहारो॥
    बाण लग्यो उर लछिमन के तब,
    प्राण तजे सुत रावण मारो।
    लै गृह बैद्य सुषेन समेत,
    तबै गिरि द्रोण सु बीर उपारो॥
    आनि सजीवन हाथ दई तब,
    लछिमन के तुम प्राण उबारो।
    को नहिं जानत है जग में कपि,
    संकटमोचन नाम तिहारो॥
    रावण युद्ध अजान कियो तब,
    नाग कि फांस सबै सिर डारो।
    श्रीरघुनाथ समेत सबै दल,
    मोह भयोयह संकट भारो॥
    आनि खगेस तबै हनुमान जु,
    बंधन काटि सुत्रास निवारो।
    को नहिं जानत है जग में कपि,
    संकटमोचन नाम तिहारो॥बंधु समेत जबै अहिरावन,
    लै रघुनाथ पाताल सिधारो।
    देबिहिं पूजि भली बिधि सों बलि,
    देउ सबै मिति मंत्र बिचारो॥
    जाय सहाय भयो तब ही,
    अहिरावण सैन्य समेत संहारो।
    को नहिं जानत है जग में कपि,
    संकटमोचन नाम तिहारो॥
    काज किये बड़ देवन के तुम,
    वीर महाप्रभु देखि बिचारो।
    कौन सो संकट मोर गरीब को,
    जो तुमसों नहिं जात है टारो॥
    बेगि हरो हनुमान महाप्रभु,
    जो कछु संकट होय हमारो।
    को नहिं जानत है जग में कपि,
    संकटमोचन नाम तिहारो॥
    दोहा
    लाल देह लाली लसे, अरू धरि लाल लंगूर।
    बज्र देह दानव दलन, जय जय जय कपि सूर।।
    11 min
  • 6 Enimies of Man | मनुष्य के सबसे बड़े छ: शत्रु | षड्रिपु | 6 most Important Enimies of Human Being
    Hello Everyone ,
    In Hindu Theology, Arishadvarga Or Shadripu (षड्रिपु ) Are The Six Enemies Of The Mind, Which Are: Kama (Lust), Krodha (Anger), Lobha (Greed), Mada (Arrogance), Moha (Delusion), And Matsarya (Jealousy); The Negative Characteristics Of Which Prevent Man From Attaining Moksha. उलूकयातुं शुशुलूकयातुं जहि श्वयातुमुत कोकयातुम् । सुपर्णयातुमुत गृध्रयातुं दृषदेव प्र मृण रक्ष इन्द्र ।। मनुष्य के सबसे बड़े छ: शत्रु | षड्रिपु | 6 Most Important Enimies Of Human Being In Hindi, Is A Must-Listen For Everyone Who Intends To Seek Motivation. This मनुष्य के सबसे बड़े छ: शत्रु | षड्रिपु | 6 Most Important Enimies Of Human Being Podcast Will Help You Live Life With Positivity. It Not Only Talks About Self-Motivation But Also, How To Keep Up With A Positive Attitude. This Podcast Will Help Youfight With Negativity And Bring A Motive, Hence Called A Motivational Podcast. We Often Need A Spark That Uplifts Our Mood And Helps Us Move Away From Depressing Thoughts. This Podcast Will Help You With The Same. It Gives You The Motivation You Lack And The Positive Vibes That You Seek. We Offer A Variety of motivational videos And The Best Part Is That You Can Access It While Traveling, While Working Out In The Gym, And Doing Anything, Anywhere At Any Point Of Time Be It Early Morning Or Late At Night. So, Stream, Download, And Enjoy The Ad-Free Experience.मनुष्य के सबसे बड़े छ: शत्रु | षड्रिपु | 6 Most Important Enimies Of Human Being , प्रेरणा लेने का इरादा रखने वाले हर व्यक्ति को ज़रूर सुनना चाहिए।
    7 min
  • Beech ki Deewar | बीच की दीवार |भाईयों के असीम प्रेम की भावनात्मक कहानी |Hindi story of two brothers
    Hello Everyone , This Is An Interesting Story Of A Family . In Our Society We Find A Gape In Every Family . Two Brothers Don't Live With Eachother . Small Problems Break Their Relationship . In This Story We Will Come To Know That The Love Between Two Brothers Is Iternal And They Feel It After Some Time . Listen The Full Story And Get To Know About The Moral Of The Story .
    10 min

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Prerna ke pankh is a motivational podcast . I made this series for my listeners . Today in our daily lives we are facing many problems . The Stories brings some solution for us . Prena ke pankh depicts present senerio . Listen the podcast and get the benefits .

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