उम्मीद है आपने गुरुवार का प्राइम टाइम देखा होगा, ज़ुबैर गिरफ्तार है और रोहित फरार है। NDTV इंडिया के यू टयूब चैनल पर इस हफ्ते का पांचों प्राइम टाइम देखिएगा। कुछ सोचने का वक्त मिले तो सोचिएगा कि धर्म के नाम पर गरम होने की यह राजनीति कितना नुकसान पहुंचा रही है।इसके बहाने इंसाफ़ का तराज़ू, राजू का मनमाना इंसाफ़ बन गया है।
हर बारिश में मुंबई की एक ही कहानी होती है? बारिश हुई और पानी भर गया. किस तरह से एक महानगर को और इसी मॉडल पर देशभर के तमाम शहरों को बर्बाद होने के लिए छोड दिया गया है.
एक पत्रकार है ज़ुबैर, एक पत्रकार है रोहित. ज़ुबैर ने झूठ को पकड़ा, सच उजागर किया, रोहित रंजन ने सच को छुपा कर झूठा वीडियो दिखा दिया. ज़ुबैर गिरफ्तार हैं और रोहित फ़रार हैं. किसी को किसी बात से एतराज़ नहीं है.
पटना के अस्पताल में भर्ती पूर्व मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) लाया गया है. पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र तेजस्वी यादव ने बुधवार को यह जानकारी दी. यादव ने बताया कि अपने घर में गिरने की वजह से प्रसाद के कंधे समेत तीन जगह ‘फ्रैक्चर’ हो गया है.
आस्था आहत होने लगी है. इसका मतलब है कि आफत आने वाली है. बेहतर है लिखने बोलने में सावधान रहें. प्राइम टाइम में हमें भी सही गलत छोड़कर राजा-रानी की कहानी का वाचन करना चाहिए. ध्यान रहे राजा और रानी भारत के बिल्कुल न हो.
उदयपुर के कन्हैया लाल और अमरावती के उमेश खोले की हत्या में समानताएं हैं. सभी प्रमुख संगठनों और व्यक्तियों ने दोनों मामलों की निंदा की है. एनडीटीवी डॉट कॉम पर हमारे सहयोगी असीम ने एक बेहद संवेदनशील लेख लिखा है की आस्था के नाम पर छुई मुई होना बंद कर दिया जाए.
आज कहानी घूम रही है ज़ी न्यूज़ के ऐंकर रोहित रंजन के गिरफ्तारी के प्रयास की. कमाल यह है कि ज़ी न्यूज़ ने राहुल गांधी के मामले में फेक वीडियो चलाने की सारी ज़िम्मेदारी अपने ही दो कर्मचारियों पर डाल दी है और उनके खिलाफ थाने में शिकायत कर दी है. अब तय करना मुश्किल हो रहा है कि प्रेस की आज़ादी पर हमला छत्तीसगढ़ की पुलिस कर रही है या ज़ी न्यूज़ कर रहा है?
हिन्दी के महान साहित्यकार निर्मल वर्मा की एक कहानी प्रकाशित हुई. रात का रिपोर्टर. इस कहानी में आपको आज के उन पत्रकारों की मानसिक हालत दिख जाएगी जो गिनती के दस बीस रह गए हैं. आज के पत्रकारों की हालत कहानी के पात्र ऋषि की तरह हो गयी है.
महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की सरकार बनते ही एनसीपी प्रमुख शरद पवार को इनकम टैक्स का नोटिस मिला है. ईडी की इस कार्रवाई पर राज्य के पूर्व सीएम पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि ये जानकारी सभी नेताओं से ली जा रही है. ऐसे में अगर पंवार साहब से जानकारी मांगी गई तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं. लेकिन अगर आगे ईडी कुछ करेगी तो जरूर शंका होगी
महाराष्ट्र की राजनीति में जो उठापटक का दौर जारी है उस पर राज्य के पूर्व सीएम पृथ्वीराज चव्हाण ने एनडीटीवी से बात की. पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि चुनाव में बीजेपी और शिव सेना ने चुनाव जीता लेकिन उनमें बात नहीं बनी. ऐसे में हमने मौके को लपका और सरकार चलाई. यहां देखिए महाराष्ट्र के पूर्व सीएम ने क्या कहा.