दैनिक जीवन की कठिनाइयां किसे परेशान नहीं करती, समृद्ध भौतिक जीवन की इस दौड़ में जब अध्यात्म का अपक्षय होता है, तब मन व्याकुल होने लगता है कि कहीं एक जगह ब्रम्ह शांति को ढूंढा जाए। ऐसे समय पर व्याकुलता अवसर देती है एक यात्रा का.... जहां हम अपने अन्तः करण को परखें, उस से रूबरू हों. और अगर यात्रा तीर्थ की हो तो देव प्राप्ति और अन्तः करण की शुद्धि दोनों का ही मार्ग प्रशस्त हो जाता है। आइये चलते हैं ऐसी ही एक छोटी सी यात्रा पर जहाँ आपको केवल सुन कर आदि और अनादि का साक्षात्कार होगा।
आपके साथ है सुनो लाइव दिल से....