दरिद्रता एक आदत सी है। हल्कू यदि चाहता तो पूस की सर्द रात से बचने के लिए एक कंबल खरीद सकता था मगर वह ऐसा नही कर सका और जब नीलगायों से खेतों को बचाने की जरूरत थी तब वह आलास कर गया। जबकि उसके कुत्ते जबरा ने अपनी सारी तकलीफ भूल कर अपना कर्तव्य निभाया मगर उतना ही जितना उसके वश की बात थी।