‘आर्टिकल 15’ के ‘ब्राह्मणवादी’ लेंस पर अनुभव सिन्हा अपना जवाब दे चुके हैं. फिल्म का नायक क्यों अपर कास्ट है, और कैसे फिल्म उसके नजरिये से कहानी कहती है. अनुभव के पास अपने जवाब हैं, और कई मायने में उनका तर्क जायज है. आखिर अपर कास्ट को ही तो असल में सोचने-समझने की जरूरत है. उसका नजरिया जब तक बदलेगा नहीं, तब तक समाज में बदलाव भी नहीं होगा.