हमें किसी को कुछ देते वक्त यह नहीं सोचना चाहिए कि हम किसी को दे रहे हैं जबकि हमें यह सोचना चाहिए कि हमारे पास जो है वह ईश्वर की कृपा से ही हम दूसरों को देकर उनकी सहायता कर रहे हैं
हमारे बड़े हमें अपने अनुभव के अनुसार शिक्षा देते हैं उन्होंने जो सीखा है वह हमें बताते हैं इसलिए हमें उनकी बातों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और उनके विचारों को फॉलो करना चाहिए
लोग अपने जीवन को व्यर्थ ही विश करते रहते हैं और भाग्य को दोस्ती तेरे ते उसको इंप्रूव करने के लिए कोई काम नहीं करते ना ही कुछ सीखते हैं और ना ही कुछ करते यही कारण है हमारे असफल होने का