घर में बड़े बुजुर्गों का होना एक घर को मन्दिर सा निर्मल बनाता है और जीवन में खुशी और सुकून देता है भाई वीरेंद्र सिंह बैंस जी द्वारा लिखित मार्मिक चित्रण
हम सभी के पास अनमोल रत्न का ख़ज़ाना होता है लेकिन क्या हम उसे पहचान कर उसकी केयर कर पाते हैं? यही लेखक भाई वीरेंद्र सिंह बैंस जी द्वारा दिया अनमोल संदेश है।
वीरेंद्र सिंह बैंस जी द्वार लिखा गया ऐसा प्रसंग जो अक्सर मन में तो आता है परंतु उस पर कार्रवाई भी कभी कभार जरूर कर लिया करें बस यही गुजारिश है सभी से 🙏 और जो करते हैं उनका आभार व्यक्त करने का प्रयत्न है यह🙏😊