तेरे संग कुझ वक़्त बिताना चाहती हु
दुनिया की इस भीड़ से कही दूर चली जाना चाहती हु
थक गयी हु सबके साथ चलते चलते
अब कुछ वक़्त सिर्फ़ और सिर्फ़ तेरे साथ जीना चाहती हु
कभी बेटा , कभी भाई तो कभी पिता ,कभी दोस्त ,तो कभी पति बना
पर अब तू मेरा आशिक़ और मैं तेरी माशूक़ा बन कुझ पल रहना चाहती हु ,
कुझ वक़्त सिर्फ़ तेरी हो कर रहना चाहती हु
मालूम है मेरी इस बात को लोग जिस्मों के साथ जोड़ कर देखेंगे ,
यहाँ लिखी हर बात ,हर शब्द का कुझ और ही मतलब सोचेगे
पर मुझे आज ये कहना है मेरी ये तमन्ना सिर्फ़ कुझ वक़्त साथ रहने की है ,
तेरा हाथो में हाथ लिए ये कहने कि है की दिल से चाहती हु तुझे ,ऐतबार कर मुझे ,
मेरी मोहब्बत जिस्मों की भूख से पार है में तो सिर्फ़ कबसे बिछड़े उन मनो को साथ लाना चाहती हु
दुनिया की भीड से कुझ पल कि लिए सिर्फ़आप में मैं और मैं में आप होना चाहती हु
मैं तो सिर्फ़ तेरे कंधे पर सर रख कर रोना चाहती हु
तेरे संग कुझ वक़्त बिताना चाहती हु
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