Pratidin Ek Kavita

Sapne | Paash


Listen Later

सपने । पाश

अनुवाद : चमनलाल


सपने

हर किसी को नहीं आते


बेजान बारूद के कणों में

सोई आग को सपने नहीं आते


बदी के लिए उठी हुई

हथेली के पसीने को सपने नहीं आते


शेल्फ़ों में पड़े

इतिहास-ग्रंथों को सपने नहीं आते


सपनों के लिए लाज़िमी है

झेलने वाले दिलों का होना


सपनों के लिए

नींद की नज़र होना लाज़िमी है


सपने इसलिए

हर किसी को नहीं आते

...more
View all episodesView all episodes
Download on the App Store

Pratidin Ek KavitaBy Nayi Dhara Radio