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सुन्दरकाण्ड ज्ञान-यज्ञ का शुभारम्भ करते हुए पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वतीजी ने सबसे पहले बताया कि रामचरितमानस का प्रयोजन हमारे ह्रदय में परमात्मा के प्रति भक्ति उत्पन्न हो ऐसी प्रार्थना और आकांशा है। सुन्दरकाण्ड नाम की चर्चा करते हुए उन्होंने अनेकों महत्वपूर्ण रहस्य उद्घाटित करे। उसके बाद विषय में प्रवेश करते हुए प्रभु रामजी की वंदना का प्रथम श्लोक का अर्थ बताया।
By Vedanta Ashramसुन्दरकाण्ड ज्ञान-यज्ञ का शुभारम्भ करते हुए पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वतीजी ने सबसे पहले बताया कि रामचरितमानस का प्रयोजन हमारे ह्रदय में परमात्मा के प्रति भक्ति उत्पन्न हो ऐसी प्रार्थना और आकांशा है। सुन्दरकाण्ड नाम की चर्चा करते हुए उन्होंने अनेकों महत्वपूर्ण रहस्य उद्घाटित करे। उसके बाद विषय में प्रवेश करते हुए प्रभु रामजी की वंदना का प्रथम श्लोक का अर्थ बताया।