सुन्दरकाण्ड ज्ञान यज्ञ के 20वें दिन पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वती जी महाराज ने सुंदरकांड की कथा में आगे बताया कि जब सीताजी ने रामजी के कुशल मंगल के बारे में पूछा तो पहले तो हनुमानजी ने संक्षेप में बताया फिर विस्तार से रामजी का सन्देश सुनाया - जो अत्यंत द्रवित कर देने वाला था। इस प्रसंग को निमित्त बनाकर पू गुरूजी ने सनातन धर्म में पति-पत्नी के सम्बन्धो के ऊपर भी प्रकाश डाला।