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सुन्दरकाण्ड ज्ञान यज्ञ के 24वें दिन पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वती जी महाराज ने सुंदरकांड की कथा में आगे बताया कि जब हनुमानजी रावण की सभा में पहुँच जाते हैं तो रावण ने हनुमानजी से पुछा की वो ककौन है? किसी बल से हमारी अशोक वाटिका उजाड़ दी है हमारे सैनिक और पुत्र को मर दिया। वो आगे बोलता है की क्या तुम्हे दर नहीं लगता है? लगता है तुमने हमारी महिमा नहीं सुनी है। हनुमानजी ने सब प्रहण बड़े ध्यान से सुने और एक-एक करके सभी प्रश्नों का उत्तर दिया। तुम कौन हो इस प्रश्न के उत्तर में हनुमानजी परात्मा के अनेकानेक लक्षण देते हुए कहते हैं की मैं 'उनका' दूत हूँ। यह प्रसंग अत्यंत सुन्दर है।
By Vedanta Ashramसुन्दरकाण्ड ज्ञान यज्ञ के 24वें दिन पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वती जी महाराज ने सुंदरकांड की कथा में आगे बताया कि जब हनुमानजी रावण की सभा में पहुँच जाते हैं तो रावण ने हनुमानजी से पुछा की वो ककौन है? किसी बल से हमारी अशोक वाटिका उजाड़ दी है हमारे सैनिक और पुत्र को मर दिया। वो आगे बोलता है की क्या तुम्हे दर नहीं लगता है? लगता है तुमने हमारी महिमा नहीं सुनी है। हनुमानजी ने सब प्रहण बड़े ध्यान से सुने और एक-एक करके सभी प्रश्नों का उत्तर दिया। तुम कौन हो इस प्रश्न के उत्तर में हनुमानजी परात्मा के अनेकानेक लक्षण देते हुए कहते हैं की मैं 'उनका' दूत हूँ। यह प्रसंग अत्यंत सुन्दर है।