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तेरे सपने में थोड़े हूँ | तेजी ग्रोवर
तेरे सपने में थोड़े हूँ पगली
मैं तो बैठा हूँ
टाट पर
सजूगर
अचार भरी उँगलियाँ चाटता हुआ
मैं टाट पर थोड़े हूँ पगली
झूलती खाट में
सो रहा हूँ तेरे पास
इतना पास
कि तेरा पेट गुड़गुड़ाया
तो मैंने सोचा मेरा है
भोर तक यहीं हूँ पगली
तू साँस छोड़ेगी
तो भींज उठेंगी मेरी कोंपलें
मेरी खुरदरी उँगलियाँ
नींद की रोई तेरी आँखों पर
काँप-काँप जाएँगी
और तू
झपकी भर नहीं जगेगी रात में
मैं जा रहा हूँ पगली
तेरे खुलने से पहले
उजास में घुल रही है मेरी आँख
छूना मटका तो मान लेना
मैं आया था
घोर अँधेरे तपते तीर की तरह आया था
रात भर प्यासा रहा।
By Nayi Dhara Radioतेरे सपने में थोड़े हूँ | तेजी ग्रोवर
तेरे सपने में थोड़े हूँ पगली
मैं तो बैठा हूँ
टाट पर
सजूगर
अचार भरी उँगलियाँ चाटता हुआ
मैं टाट पर थोड़े हूँ पगली
झूलती खाट में
सो रहा हूँ तेरे पास
इतना पास
कि तेरा पेट गुड़गुड़ाया
तो मैंने सोचा मेरा है
भोर तक यहीं हूँ पगली
तू साँस छोड़ेगी
तो भींज उठेंगी मेरी कोंपलें
मेरी खुरदरी उँगलियाँ
नींद की रोई तेरी आँखों पर
काँप-काँप जाएँगी
और तू
झपकी भर नहीं जगेगी रात में
मैं जा रहा हूँ पगली
तेरे खुलने से पहले
उजास में घुल रही है मेरी आँख
छूना मटका तो मान लेना
मैं आया था
घोर अँधेरे तपते तीर की तरह आया था
रात भर प्यासा रहा।