Mark Twain ने कहा है- काशी का इतिहास स्वयं काशी से भी पुराना है। इसके त्योहार, गालियाँ, खानपान, जीवनशैली सभी में जीवन का रस घुला हुआ है। यहाँ का अक्खड़पन, जिजीविषा,(desire to live ) कल की चिंता से मुक्त रहने की कला ही काशी को काशीमय बनाती है। एक बार सभी देवी-देवता एक-एक करके भ्रमण पर निकलें, वह इस जगह पर आए तो यह जगह इतनी आनंददायक थी कि वह सभी यहाँ आकर यहीं के होकर रह गए। यही थी (varanasi) काशी- जीवन का हर रस है यहाँ।