हमारे मन का प्रत्येक कोना एक दीपक की राह तकता है, जिसके सहारे वह पूरी दुनिया में रौशनी का ज्ञान बांट सके। हमारे मन में ज्ञान, आशा, दया और सहजता का दीपक अगर जले तो वह हमारे आस-पास मौजूद लोगों को, संपूर्ण संसार को और स्वयं हमारे जहान को भी रौशन करेगा। हम स्वयं के मन को यदि इतना सहज बना पाएं कि वह दूसरों की दुविधाओं का हल बन पाए और अन्य लोगों की परेशानियों में खड़ा होने में सक्षम बनाएगा। दुनिया में ऐसे कई पहलू हैं, जिन्हें मन से समर्थ लोगों के साथ की आवश्यकता होती है। यह कहना अनुचित नहीं होगा कि हम अपने मन के भीतर दीपक जलाकर जग को उजियारा दे सकते हैं।