Vichar Bank News

try 3


Listen Later

मैं गांव हूं बोल रहा हूं , अपनी पोले खोल रहा हूं ,

मैं भी कभी तुम्हारी तरह नौजवान था,
मेरा भी रंग लाल था,
मुझ पर भी खुसियां मरती थी,
पूरे दिन काम, और पूरी रात आराम था,
आज पूरी रात काम है,
और कहीं पूरा दिन आराम है,

...more
View all episodesView all episodes
Download on the App Store

Vichar Bank NewsBy Vichar Bank News