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April 09, 2020try 3Playमैं गांव हूं बोल रहा हूं , अपनी पोले खोल रहा हूं ,मैं भी कभी तुम्हारी तरह नौजवान था,मेरा भी रंग लाल था,मुझ पर भी खुसियां मरती थी,पूरे दिन काम, और पूरी रात आराम था,आज पूरी रात काम है,और कहीं पूरा दिन आराम है,...moreShareView all episodesBy Vichar Bank NewsApril 09, 2020try 3Playमैं गांव हूं बोल रहा हूं , अपनी पोले खोल रहा हूं ,मैं भी कभी तुम्हारी तरह नौजवान था,मेरा भी रंग लाल था,मुझ पर भी खुसियां मरती थी,पूरे दिन काम, और पूरी रात आराम था,आज पूरी रात काम है,और कहीं पूरा दिन आराम है,...more
मैं गांव हूं बोल रहा हूं , अपनी पोले खोल रहा हूं ,मैं भी कभी तुम्हारी तरह नौजवान था,मेरा भी रंग लाल था,मुझ पर भी खुसियां मरती थी,पूरे दिन काम, और पूरी रात आराम था,आज पूरी रात काम है,और कहीं पूरा दिन आराम है,
April 09, 2020try 3Playमैं गांव हूं बोल रहा हूं , अपनी पोले खोल रहा हूं ,मैं भी कभी तुम्हारी तरह नौजवान था,मेरा भी रंग लाल था,मुझ पर भी खुसियां मरती थी,पूरे दिन काम, और पूरी रात आराम था,आज पूरी रात काम है,और कहीं पूरा दिन आराम है,...more
मैं गांव हूं बोल रहा हूं , अपनी पोले खोल रहा हूं ,मैं भी कभी तुम्हारी तरह नौजवान था,मेरा भी रंग लाल था,मुझ पर भी खुसियां मरती थी,पूरे दिन काम, और पूरी रात आराम था,आज पूरी रात काम है,और कहीं पूरा दिन आराम है,