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बरखेरा के क्षेत्र ग्राम पचपेड़ा में सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ाई धज्जिया
विचार क्रांति न्यूज़ अब आपको ऑडियो के रूप में सभी अपडेट्स देने की कोशिश कर रहा इससे आप के समय के साथ साथ आपके मोबाइल की बैटरी की भी बहुत बचत होगी
मैं गांव हूं बोल रहा हूं , अपनी पोले खोल रहा हूं ,
Intro daksh 2nd Part
दक्ष के पास एक तरह से कम से कम 900 लोगो से ज्यादा लोग सम्पर्क में होंगे । जिसका संचालन वह अपने विवेक संगठन के सिद्धान्त व सांसारिक अध्ययन के आधार पर करेगा।
4- चूंकि संगठन प्रकृति के नियमों व सिद्धान्तों व स्वभाव के आधार पर संचालित होता है और दक्ष संगठन के ( प्रकृति )के नियमों व सामाजिक अध्ययन के आधार पर अपने आप को संचालित करता है इसलिय दक्ष को अनिवार्य रूप से प्रकृति के स्वभाव के अनुरूप ही अपना स्वभाव निर्मित करने को कहा गया है ।
5- दक्ष आर्थिक रूप से ,मानसिक रूप से , सामाजिक रूप से सम्पन्न व शक्तिशाली होने के बावजूद उसका अपना जीवन साधारण ही बीतायेगा । साधारण का अर्थ है जैसे उसके समाज की स्थिति होगी वैसी ही उसकी स्थिति होगी ।
- दक्ष शिक्षा को विभिन्न प्रकार के ज्ञान का श्रोत मानते हुये सदैव शिक्षा को स्पष्ट रूप से ग्रहण करता रहेगा।
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