विलक्षण सन्त विलक्षण वाणी (Extraordinary Saints’ Extraordinary Speeches)

विलक्षण सन्त विलक्षण वाणी (Extraordinary Saints’ Extraordinary Speeches)

By Gita Press, GorakhpurReligion & SpiritualitySpirituality
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विलक्षण सन्त विलक्षण वाणी (Extraordinary Saints’ Extraordinary Speeches) episodes

  • 2191
    भगवान हरदम हृदय में साथ रहते है, फिर दर्शन क्यों नहीं देते? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ भक्ति-प्रेम, लगन, व्याकुलता संबंधी प्रश्नोत्तर)
    9 min
  • 2192
    प्रेम कैसे हो? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ भक्ति-प्रेम, लगन, व्याकुलता संबंधी प्रश्नोत्तर)
    17 min
  • 2193
    भगवान के बिना रहा नहीं जाये, इसका उपाय? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ भक्ति-प्रेम, लगन, व्याकुलता संबंधी प्रश्नोत्तर)
    2 min
  • 2194
    भगवान का भजन करते समय व्याकुलता नहीं होती? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ भक्ति-प्रेम, लगन, व्याकुलता संबंधी प्रश्नोत्तर)
    2 min
  • 2195
    पूरा प्रयत्न किए बिना कैसे कहेंगे कि हार गये? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ भक्ति-प्रेम, लगन, व्याकुलता संबंधी प्रश्नोत्तर)
    3 min
  • 2196
    निश्चिंत होने व संतोष में क्या अंतर है? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ भक्ति-प्रेम, लगन, व्याकुलता संबंधी प्रश्नोत्तर)
    3 min
  • 2197
    पूर्व संस्कारवश कुछ याद आये तो उपेक्षा करे या भगवान को पुकारे? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ भक्ति-प्रेम, लगन, व्याकुलता संबंधी प्रश्नोत्तर)
    2 min
  • 2198
    जीव परमात्मा का अंश है, फिर परमात्मा से इतनी दूरी क्यों मालूम देती है? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ भक्ति-प्रेम, लगन, व्याकुलता संबंधी प्रश्नोत्तर)
    11 min
  • 2199
    ‘मेरे तो गिरधर गोपाल…’ व ‘स्मृतिलब्ध्वा’ का प्रसाद भगवान से माँग सकते है? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ भक्ति-प्रेम, लगन, व्याकुलता संबंधी प्रश्नोत्तर)
    1 min
  • 2200
    परमात्मा को महत्व देते, पर फ़ालतू चिंतन पहले से भी ज़्यादा हो रहे, क्या करें? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ भक्ति-प्रेम, लगन, व्याकुलता संबंधी प्रश्नोत्तर)
    2 min

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