
Sign up to save your podcasts
Or


* अंतरात्मा की आवाज विवेक के रूप में प्रकट होती है
* अच्छाई का अभिमान सारी बुराइयों की जड़ है
* दो बातों पर पूरा जीवन मिला हुआ प्रारंभ और उस पारीस्थिति का सदुपयोग या दुरुपयोग
* ज्यादा गड़बड़ तब होती है जब बुराई अच्छाई का चोला पहनके आती है
By Seeker_Who Am I* अंतरात्मा की आवाज विवेक के रूप में प्रकट होती है
* अच्छाई का अभिमान सारी बुराइयों की जड़ है
* दो बातों पर पूरा जीवन मिला हुआ प्रारंभ और उस पारीस्थिति का सदुपयोग या दुरुपयोग
* ज्यादा गड़बड़ तब होती है जब बुराई अच्छाई का चोला पहनके आती है