यमन में 33 साल तक शासन पर काबिज रहे सालेह की जगह नए राष्ट्रपति का चुनाव हुआ. लेकिन इस चुनाव के साथ यमन की मुश्किलें खत्म नहीं हो रही हैं. यमन की निरंकुश व्यवस्था में सेना और संविधान दोनों को बदलने की जरूरत है. राष्ट्र को एकजुट करने के लिए कबीलों में बंटे यमन के लोगों की शासन में भागीदारी जरूरी है.