Kavita Path

Yun Hi Kuch Muskakar Tumne - Trilochan


Listen Later

Listen in to a recitation of the famous poem “Yun Hi Kuch Muskakar Tumne” by Trilochan.

Lyrics in Hindi:


यूँ ही कुछ मुस्काकर तुमने
परिचय की वो गाँठ लगा दी !

था पथ पर मैं भूला-भूला
फूल उपेक्षित कोई फूला
जाने कौन लहर थी उस दिन
तुमने अपनी याद जगा दी ।

कभी कभी यूँ हो जाता है
गीत कहीं कोई गाता है
गूँज किसी उर में उठती है
तुमने वही धार उमगा दी ।

जड़ता है जीवन की पीड़ा
निस्-तरँग पाषाणी क्रीड़ा
तुमने अन्जाने वह पीड़ा
छवि के शर से दूर भगा दी ।


...more
View all episodesView all episodes
Download on the App Store

Kavita PathBy aks