आज आधुनिक हिंदी साहित्य की सशक्त और प्रतिभावान कवयित्री महादेवी वर्मा जी की पुण्यतिथि है।उनको याद करते हुए रचनाकार रंजना जायसवाल जी के साथ एक बातचीत और उनकी चुनिंदा कविताओं का पाठ।
विक्रांत राजलीवाल जी ने न सिर्फ़ साहित्य सृजन किया अपितु समाज में व्याप्त बहुत बड़ी बुराई नशे के भी अपना बहुत बड़ा योगदान दिया और सैकड़ों युवाओं को इस व्यसन से मुक्त कराने की कोशिश की।
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