नमस्कार दोस्तों, ’एक गीत सौ अफ़साने’ की एक और कड़ी के साथ हम फिर हाज़िर हैं। फ़िल्म-संगीत की रचना प्रक्रिया और विभिन्न पहलुओं से सम्बन्धित रोचक प्रसंगों, दिलचस्प क़िस्सों और यादगार घटनाओं को समेटता है ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ का यह साप्ताहिक स्तम्भ। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारियों और हमारे शोधकार्ताओं के निरन्तर खोज-बीन से इकट्ठा किए तथ्यों से परिपूर्ण है ’एक गीत सौ अफ़साने’ की यह श्रॄंखला। आज के अंक के लिए हमने चुना है वर्ष 2003 की सुप्रसिद्ध फ़िल्म ’बाग़बान’ का गीत "होरी खेले रघुवीरा"। अमिताभ बच्चन, अलका यागनिक, उदित नारायण, सुखविन्दर सिंह और साथियों की आवाज़ें; गीतकार समीर, और संगीतकार आदेश श्रीवास्तव। क्या रिश्ता है इस होली गीत का फ़िल्म ’सिलसिला’ के होली गीत "रंग बरसे" के साथ? किन दो लोक धुनों का समावेश है इस गीत के संगीत में? इला अरुण और जॉली मुखर्जी के किन गीतों के साथ समानता है इस गीत की? फ़िल्म के संगीतकार के चुनाव में कैसा विवाद खड़ा हुआ था? क्यों अमिताभ बच्चन के स्क्रीन वॉयस सुदेश भोंसले के बजाय फ़िल्म के चार-चार अमित जी से गवाये गये? इस गीत के तुरन्त बाद जो सीन है, उसके साथ कैसा रोचक प्रसंग जुड़ा है? ये सब, आज के अंक में।