मैं इरफान के लिए रोये जा रही हूँ, पर मैं खान अंकल के यहाँ जाने की हिम्मत नहीं कर पा रही. xxx मैंने अपने यहाँ काम करने वाली दीदी को फ़ोन किया है, वह थोड़ी परेशान है, अब घर में कुछ ही पैसा बचा है, खाना और कोई सुविधा भी नहीं है, पर वह खुश है. उनका परिवार जिंदा है, यही उसकी खुशी है. :कहानी का अंश.