आपने अपने आस-पास कई लोग देखे होंगे, जो किसी सोशल मीटिंग का हिस्सा बनने से डरते हैं, लोगों से मिलना पसंद नहीं करते, मौक़े तलाशते हैं कि मिलना न पड़े और काम हो जाए। मन की इस दिक्कत का नाम है Social Anxiety. बचपन में जब हमारा मन बहुत मासूम होता है और कोई दुःखद घटना, चाहे वो कितनी ही छोटी या बड़ी क्यों न हो, घटती है और हम सहम जाते हैं, डर जाते हैं। बड़े होने के बाद भी जब ये डर ख़त्म नहीं होता, तो ये Social Anxiety का रूप ले लेता है। Anxiety Podcast के दूसरे एपिसोड में अरुबा कबीर, जो कि एक Mental Heaalth Professional और Psychologist है, बता रही हैं कि इस Social Anxiety की इस चिड़िया को कैसे आज़ाद करें, मन की इस दिक्कत को कैसे ठीक करें और आगे बढ़ें।